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नगर निगम के सुपरवाइजर की मौत
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रुद्रपुर। रुद्रपुर में संदिग्ध डेंगू बुखार से नगर निगम के एक सुपरवाइजर की मौत हो गई। उसका रुद्रपुर के दो निजी अस्पतालों में इलाज कराया गया था। हालत गंभीर होने पर बरेली ले जाते समय उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। इससे पूर्व रुद्रपुर नगर निगम के एक और कर्मचारी खेड़ा निवासी राकेश (50) की भी 22 अक्तूबर को मौत हो चुकी है।
भूत बंगला निवासी संजीव वाल्मीकि (38) पुत्र स्व. जगदीश रुद्रपुर नगर निगम में कार्यवाहक सफाई निरीक्षक था। करीब एक सप्ताह से उसे तेज बुुुखार की शिकायत थी। प्लेटलेट्स गिरने पर डेंगू की आशंका के चलते परिजनों ने रुद्रपुर के दो निजी अस्पतालों में उसका इलाज कराया। रामपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार रात अचानक उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई। डॉक्टरों के हाथ खड़े करने पर परिजन उसे बरेली के भोजीपुरा स्थित राममूर्ति स्मारक अस्पताल ले जा रहे थे, जहां रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। संजीव की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी दीपा का रो-रो कर बुरा हाल था। मृतक के बड़े भाई प्रेम सिंह ने कहा कि संजीव में डेंगू के लक्षण मिले थे। वह अपने पीछे पत्नी, पांच वर्षीय पुत्र और दो वर्षीय पुत्री को बिलखता छोड़ गया है। इस संबंध में प्रभारी सीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक ने कहा कि अभी नगर निगम कर्मी संजीव की मौत डेंगू से होने की पुष्टि नहीं हुई है। उसे लीवर की भी शिकायत बताई जा रही है। ब्यूरो
सीएमओ ने डेंगू की डेथ ऑडिट रिपोर्ट तलब की
रुद्रपुर। जिले में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की मौत की बढ़ती घटनाओं से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। सोमवार को प्रभारी सीएमओ ने संदिग्ध डेंगू के मरीजों की डेथ ऑडिट रिपोर्ट तलब की। उन्होंने डेंगू की रोकथाम को लेकर जिला मलेरिया अधिकारी और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
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ऊधम सिंह नगर जिले में सोमवार तक हुए 2397 एलाइजा टेस्ट में से 1230 मरीजों में डेंगू पॉजिटिव निकला है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के पास जिले में 21 मरीजों के डेंगू से मौत शिकायतें मिली हैं लेकिन संदिग्ध डेंगू मरीजों की मौत की वजह की जांच के लिए गठित चिकित्सकों कमेटी ने अभी तक डेथ ऑडिट रिपोर्ट पूरी नहीं की है। सोमवार को प्रभारी सीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक ने जिला मलेरिया अधिकारी बीसी जोशी से डेथ ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी ली। साथ ही अन्य कर्मचारियों को भी डेंगू की रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान जारी रखने समेत अन्य निर्देश दिए। प्रभारी सीएमओ डॉ. मलिक ने कहा कि संदिग्ध डेंगू से मरे 21 मरीजों में से अभी 11 मरीजों की डेथ ऑडिट चल रही है। इनमें से सात मरीजों की डेथ ऑडिट रिपोर्ट नेगेटिव निकली है। शेष चार की डेंगू से मौत को लेकर ऑडिट जारी है। उन्होंने कहा संदिग्ध डेंगू से मरे शेष 10 का जल्द डेथ ऑडिट शुरू किया जाएगा।
मलेरिया अधिकारी ने शहदौरा गांव का दौरा किया
रुद्रपुर। जिला मलेरिया अधिकारी बीसी जोशी ने सोमवार को डेंगू फैलने की शिकायत पर किच्छा के शहदौरा गांव का दौरा किया। गांव के एक व्यक्ति ताहिर की ओर से सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करते हुए गांव में लोगों के प्लेटलेट्स गिरने की शिकायत की थी। जिला मलेरिया अधिकारी ने गांव के लोगों से बातचीत कर जानकारी जुटाई। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि गांव में मरीजों में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई।
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भूत बंगला निवासी संजीव वाल्मीकि (38) पुत्र स्व. जगदीश रुद्रपुर नगर निगम में कार्यवाहक सफाई निरीक्षक था। करीब एक सप्ताह से उसे तेज बुुुखार की शिकायत थी। प्लेटलेट्स गिरने पर डेंगू की आशंका के चलते परिजनों ने रुद्रपुर के दो निजी अस्पतालों में उसका इलाज कराया। रामपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार रात अचानक उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई। डॉक्टरों के हाथ खड़े करने पर परिजन उसे बरेली के भोजीपुरा स्थित राममूर्ति स्मारक अस्पताल ले जा रहे थे, जहां रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। संजीव की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी दीपा का रो-रो कर बुरा हाल था। मृतक के बड़े भाई प्रेम सिंह ने कहा कि संजीव में डेंगू के लक्षण मिले थे। वह अपने पीछे पत्नी, पांच वर्षीय पुत्र और दो वर्षीय पुत्री को बिलखता छोड़ गया है। इस संबंध में प्रभारी सीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक ने कहा कि अभी नगर निगम कर्मी संजीव की मौत डेंगू से होने की पुष्टि नहीं हुई है। उसे लीवर की भी शिकायत बताई जा रही है। ब्यूरो
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सीएमओ ने डेंगू की डेथ ऑडिट रिपोर्ट तलब की
रुद्रपुर। जिले में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की मौत की बढ़ती घटनाओं से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। सोमवार को प्रभारी सीएमओ ने संदिग्ध डेंगू के मरीजों की डेथ ऑडिट रिपोर्ट तलब की। उन्होंने डेंगू की रोकथाम को लेकर जिला मलेरिया अधिकारी और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
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ऊधम सिंह नगर जिले में सोमवार तक हुए 2397 एलाइजा टेस्ट में से 1230 मरीजों में डेंगू पॉजिटिव निकला है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के पास जिले में 21 मरीजों के डेंगू से मौत शिकायतें मिली हैं लेकिन संदिग्ध डेंगू मरीजों की मौत की वजह की जांच के लिए गठित चिकित्सकों कमेटी ने अभी तक डेथ ऑडिट रिपोर्ट पूरी नहीं की है। सोमवार को प्रभारी सीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक ने जिला मलेरिया अधिकारी बीसी जोशी से डेथ ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी ली। साथ ही अन्य कर्मचारियों को भी डेंगू की रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान जारी रखने समेत अन्य निर्देश दिए। प्रभारी सीएमओ डॉ. मलिक ने कहा कि संदिग्ध डेंगू से मरे 21 मरीजों में से अभी 11 मरीजों की डेथ ऑडिट चल रही है। इनमें से सात मरीजों की डेथ ऑडिट रिपोर्ट नेगेटिव निकली है। शेष चार की डेंगू से मौत को लेकर ऑडिट जारी है। उन्होंने कहा संदिग्ध डेंगू से मरे शेष 10 का जल्द डेथ ऑडिट शुरू किया जाएगा।
मलेरिया अधिकारी ने शहदौरा गांव का दौरा किया
रुद्रपुर। जिला मलेरिया अधिकारी बीसी जोशी ने सोमवार को डेंगू फैलने की शिकायत पर किच्छा के शहदौरा गांव का दौरा किया। गांव के एक व्यक्ति ताहिर की ओर से सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करते हुए गांव में लोगों के प्लेटलेट्स गिरने की शिकायत की थी। जिला मलेरिया अधिकारी ने गांव के लोगों से बातचीत कर जानकारी जुटाई। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि गांव में मरीजों में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई।