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बिना पंजीकृत होटलों की जिले में भरमार
Updated Sat, 07 May 2016 09:16 PM IST
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प्रशासन की कई बार चेतावनी देने के बाद भी जिले में लॉज-होटल स्वामी सराय एक्ट में रजिस्ट्रेशन नहीं करवा रहे हैं। आलम यह है कि अब तक 114 होटल-लॉज का ही सराय एक्ट के अंतर्गत पंजीकरण हुआ है। जबकि जिले में होटलों की संख्या करीब एक हजार है।
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सराय एक्ट 1867 की धारा-03 के अनुसार ऐसे स्थान जहां यात्रियों/पर्यटकों के ठहरने या निवास करने की व्यवस्था हो, उनका पंजीकरण जरूरी है। ऐसे स्थानों पर अग्निशमन संयंत्र, रेट लिस्ट, बिजली, स्वच्छ पेयजल और सफाई का उचित प्रबंध अनिवार्य है।
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होटल/लॉज मालिक की ओर से कक्षों की संख्या, बेड की संख्या, किराया सूची और टेलीफोन नंबर की सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराया जाना जरूरी होने के बाद भी इसका पालन नहीं हो रहा है। गिनती के होटल/लॉज मालिकों ने ही जिला पर्यटन विकास विभाग में पंजीकरण कराया। इधर, यात्रकाल शुरू हो चुका है, लेकिन विभागीय स्तर पर भी इस दिशा में ठोस पहल नहीं की जा रही है।
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जिला पर्यटन विभाग को पत्राचार के माध्यम से सराय एक्ट में होटल/लॉज का पंजीकरण करने को कहा गया है। होटल/लॉज एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी इस संबंध में पत्र भेजे जा रहे हैं।
- सीएस चौहान, उप जिलाधिकारी सदर
विभाग के पास साढ़े चार सौ होटल/लॉज के संचालन की सूचना है, जिसमें 114 की ओर से पंजीकरण कराया जा चुका है। अन्य को भी पंजीकरण करवाने को कहा जा रहा है।- पीके गौतम, जिला पर्यटन अधिकारी रुद्रप्रयाग