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मार्च में बंदरों की गणना के आंकड़े होंगे जारी
अमर उजाला रुद्रप्रयाग
Updated Wed, 06 Jan 2016 07:45 PM IST
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प्रदेश स्तर पर 10 से 13 नवंबर तक एक साथ वन विभाग ने रेंज कार्यालयों की मदद से बंदर/लंगूर की गणना की। यह गणना मध्य हिमायल क्षेत्र में अधिकतम ढाई हजार फीट की ऊंचाई तक के क्षेत्रों में की गई। बीट स्तर पर की गई गणना में डेढ़ हजार हेक्टेयर क्षेत्र तक एक ट्रेल बनाई गई थी।
डेढ़ हजार से तीन हजार हेक्टेयर तक दो ट्रेल तथा साढ़े चार हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र के लिए चार ट्रेल बनाई गई। रुद्रप्रयाग में सभी रेंजों में एक-एक ट्रेल पर गणना की गई। ट्रेल को भी पांच खंडों में बांटा गया था। वन कर्मियों ने बंदरों को समूह में गिनने के साथ ही नर, मादा, शिशु के अलावा अज्ञात (नर व मादा का पता न होना) की गणना कर आंकड़े एकत्रित किए गए। रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अधीन पांच रेंज में 54 बीट हैं। एकत्रित किए गए आंकडों को इन दिनों प्रभागीय कार्यालय में कंपाइल कर तैयार किया जा रहा है। ये आंकड़े मुख्य वन संरक्षक कार्यालय देहरादून को भेजे जाएंगे, जहां से इन्हें वाइल्ड लाइफ को भेजकर गणना की अंतिम रिपोर्ट मार्च माह में प्रदेश स्तर पर जारी कर दी जाएगी।
इन वन्य जीवों की भी हुई गणना
जनपद में वन विभाग की ओर से विशेष अभियान के तहत तेंदुआ/गुलदार, काला भालू, सियार, लोमड़ी, काकड़, सांभर, घुरड़/चीतल, जंगली सूअर की गणना भी की गई है। एकत्रित डाटा तैयार किया जा रहा है।
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बंदर पकड़ने का अभियान जारी
वन विभाग की ओर से नगर क्षेत्र में दूसरे दिन भी बंदरों को पकड़ने का अभियान जारी रहा। इस दौरान 6 बंदर पकड़े गए। सभी रेंजों में बंदरों को चरणबद्ध तरीके से पकड़ा जाएगा। संसाधन व कर्मियों की कमी से यह काम वृहद स्तर पर नहीं हो पा रहा है।
राज्य गठन के बाद पहली बाद प्रदेश स्तर पर नंवबर में तीन दिन सुबह सात से नौ बजे तक बंदर/लंगूर की गणना की गई। एकत्रित किए गए आंकड़ों को कंपाइल कर रिपोर्ट तैयार कर मुख्य वन संरक्षक कार्यालय देहरादून भेजी जाएगी। - राजीव धीमान, डीएफओ रुद्रप्रयाग वन प्रभाग
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डेढ़ हजार से तीन हजार हेक्टेयर तक दो ट्रेल तथा साढ़े चार हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र के लिए चार ट्रेल बनाई गई। रुद्रप्रयाग में सभी रेंजों में एक-एक ट्रेल पर गणना की गई। ट्रेल को भी पांच खंडों में बांटा गया था। वन कर्मियों ने बंदरों को समूह में गिनने के साथ ही नर, मादा, शिशु के अलावा अज्ञात (नर व मादा का पता न होना) की गणना कर आंकड़े एकत्रित किए गए। रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अधीन पांच रेंज में 54 बीट हैं। एकत्रित किए गए आंकडों को इन दिनों प्रभागीय कार्यालय में कंपाइल कर तैयार किया जा रहा है। ये आंकड़े मुख्य वन संरक्षक कार्यालय देहरादून को भेजे जाएंगे, जहां से इन्हें वाइल्ड लाइफ को भेजकर गणना की अंतिम रिपोर्ट मार्च माह में प्रदेश स्तर पर जारी कर दी जाएगी।
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इन वन्य जीवों की भी हुई गणना
जनपद में वन विभाग की ओर से विशेष अभियान के तहत तेंदुआ/गुलदार, काला भालू, सियार, लोमड़ी, काकड़, सांभर, घुरड़/चीतल, जंगली सूअर की गणना भी की गई है। एकत्रित डाटा तैयार किया जा रहा है।
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बंदर पकड़ने का अभियान जारी
वन विभाग की ओर से नगर क्षेत्र में दूसरे दिन भी बंदरों को पकड़ने का अभियान जारी रहा। इस दौरान 6 बंदर पकड़े गए। सभी रेंजों में बंदरों को चरणबद्ध तरीके से पकड़ा जाएगा। संसाधन व कर्मियों की कमी से यह काम वृहद स्तर पर नहीं हो पा रहा है।
राज्य गठन के बाद पहली बाद प्रदेश स्तर पर नंवबर में तीन दिन सुबह सात से नौ बजे तक बंदर/लंगूर की गणना की गई। एकत्रित किए गए आंकड़ों को कंपाइल कर रिपोर्ट तैयार कर मुख्य वन संरक्षक कार्यालय देहरादून भेजी जाएगी। - राजीव धीमान, डीएफओ रुद्रप्रयाग वन प्रभाग