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जमींदोज हो सकता है मलाऊं गांव
ब्यूरो/अमर उजाला रुद्रप्रयाग
Updated Tue, 02 Aug 2016 08:59 PM IST
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Mlaun village
- फोटो : amarujala
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अगस्त्यमुनि ब्लाक की तल्ला नागपुर पट्टी का मलाऊं गांव कभी भी जमींदोज हो सकता है। यहां हो रहे भू-धंसाव से कई आवासीय मकानों के आंगन धंस गए हैं। मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं। गांव के सात परिवार अन्यत्र शरण लिए हुए हैं। खतरे को देखते हुए ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं।
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ग्राम पंचायत फलासी के मलाऊं गांव में 54 परिवार निवास करते हैं। वर्ष 2014 से भू-धंसाव का दंश झेल रहे गांव में इस साल भी हालात गंभीर हैं। गांव से करीब सौ मीटर नीचे हो रहे भू-धंसाव से आवासीय बस्ती क्षेत्र भी धंस रहा है। इससे घरों के आंगन दो से चार फीट तक धंस गए हैं।
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मकानों की बुनियाद हिल चुकी है और मकानों की दरारें बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीण महावीर सिंह, दर्शन सिंह, पदमेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, जयपाल सिंह, गिरीश सिंह के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। ये लोग परिवार सहित गांव में ही अन्यत्र शरण लिए हुए हैं।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रदीप करासी और ग्राम प्रधान बीना देवी का कहना है कि वर्ष 2014 में शुरू हुआ भू-धंसाव का प्रकोप विकराल हो गया है। तब भू-गर्भीय सर्वेक्षण भी हुआ था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। बीते दस दिनों में खतरा ज्यादा बढ़ गया है। भू-धंसाव की यही रफ्तार रही तो कई घर जमींदोज भी हो सकते हैं। ऐेसे में गांव के अन्यत्र विस्थापन करने की जरूरत है।
मलाऊं गांव की स्थिति नाजुक है। तकनीकी टीम को निरीक्षण के लिए कहा गया है। लगातार हो रहे भूस्खलन से कई घरों के आंगन धंस गए हैं, जिस कारण लोग मकान छोड़ रहे हैं। प्रभावित पांच परिवार अन्यत्र शरण लिए हुए हैं। गांव के 13 परिवारों को विस्थापित किए जाने सहित निरीक्षण को लेकर रिपोर्ट तैयार कर उप जिलाधिकारी सदर को सौंप दी गई है।
-एमएल भेंतवाल, तहसीलदारए रुद्रप्रयाग तहसील