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मेडिकल कालेज के अधीन होगा सीएचसी जखोली
ब्यूरो/अमर उजाला रुद्रप्रयाग
Updated Sun, 14 Feb 2016 10:18 PM IST
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आगामी एक अप्रैल से सीएचसी जखोली श्रीनगर मेडिकल कालेज के अधीन हो जाएगा। इस संबंध में शासन स्तर पर जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मेडिकल कालेज प्रबंधन के माध्यम से सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने यह बात कही।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से जिन अस्पतालों को पीपीपी मोड में संचालित किया जा रहा था, वहां बदहाल हालात को देख अब इन्हें अपने हाथ में ले रही है।
इसी प्रक्रिया के तहत सीएचसी जखोली को मेडिकल कालेज श्रीनगर के अधीन किया जा रहा है। यहां सप्ताह में दो दिन मेडिकल कालेज के विशेषज्ञ चिकित्सक बैठेंगे। पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात रहेगा।
राज्य आंदोलनकारी जगत राम सेमवाल और हयात राणा सहित ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष महावीर पंवार का कहना है कि पीपीपी मोड में अस्पताल की दुर्गति हुई है।
जरूरतमंदों को प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल रहा है। अब मेडिकल कालेज के अधीन होने से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद जगी है।
कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत का कहना है कि पीपीपी मोड में संचालित अस्पतालों की बदहाली को लेकर सरकार ने इन्हें अपने अधीन करने का निर्णय लिया है।
इसी कड़ी में सीएचसी जखोली आगामी 1 अप्रैल से मेडिकल कालेज श्रीनगर के अधीन किया जा रहा है।
नहीं आई जांच रिपोर्ट
जखोली। 19 जनवरी को तहसील दिवस में जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने सीएचसी जखोली में व्याप्त अव्यवस्थाओं की शिकायत पर स्वयं की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी।
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कमेटी में सीडीओ, सीएमओ, एसडीएम जखोली भी शामिल थे, जिन्हें 15 दिन में अपनी रिपोर्ट डीएम को देनी थी, लेकिन 26 दिन बाद भी जांच पूरी नहीं हो पाई है।
इससे पूर्व भी अस्पताल को लेकर तीन बार जांच हो चुकी है, लेकिन हालात जस के तस हैं। सीएमओ डा. आरपी बडोनी ने बताया कि जांच की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। दस्तावेज तैयार कर इस सप्ताह में डीएम को रिपोर्ट दे दी जाएगी।
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मेडिकल कालेज प्रबंधन के माध्यम से सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने यह बात कही।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से जिन अस्पतालों को पीपीपी मोड में संचालित किया जा रहा था, वहां बदहाल हालात को देख अब इन्हें अपने हाथ में ले रही है।
इसी प्रक्रिया के तहत सीएचसी जखोली को मेडिकल कालेज श्रीनगर के अधीन किया जा रहा है। यहां सप्ताह में दो दिन मेडिकल कालेज के विशेषज्ञ चिकित्सक बैठेंगे। पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात रहेगा।
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राज्य आंदोलनकारी जगत राम सेमवाल और हयात राणा सहित ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष महावीर पंवार का कहना है कि पीपीपी मोड में अस्पताल की दुर्गति हुई है।
जरूरतमंदों को प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल रहा है। अब मेडिकल कालेज के अधीन होने से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद जगी है।
कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत का कहना है कि पीपीपी मोड में संचालित अस्पतालों की बदहाली को लेकर सरकार ने इन्हें अपने अधीन करने का निर्णय लिया है।
इसी कड़ी में सीएचसी जखोली आगामी 1 अप्रैल से मेडिकल कालेज श्रीनगर के अधीन किया जा रहा है।
नहीं आई जांच रिपोर्ट
जखोली। 19 जनवरी को तहसील दिवस में जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने सीएचसी जखोली में व्याप्त अव्यवस्थाओं की शिकायत पर स्वयं की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी।
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कमेटी में सीडीओ, सीएमओ, एसडीएम जखोली भी शामिल थे, जिन्हें 15 दिन में अपनी रिपोर्ट डीएम को देनी थी, लेकिन 26 दिन बाद भी जांच पूरी नहीं हो पाई है।
इससे पूर्व भी अस्पताल को लेकर तीन बार जांच हो चुकी है, लेकिन हालात जस के तस हैं। सीएमओ डा. आरपी बडोनी ने बताया कि जांच की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। दस्तावेज तैयार कर इस सप्ताह में डीएम को रिपोर्ट दे दी जाएगी।