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मार्च से पुल से शुरू हो जाएगा यातायात
ब्यूरो/अमर उजाला रुद्रप्रयाग
Updated Mon, 15 Feb 2016 10:20 PM IST
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सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर लग रहा अमेरिकन कंपनी एक्रो की ओर से निर्मित फोल्डिंग वैली ब्रिज को जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। 25 मजदूर इस पुल को जोड़ने में लगे हैं।
नौ फरवरी को अमेरिका से आए वैज्ञानिक मिस्टर रौलैंड और कंसल्टेंट डीसी नौटियाल की देखरेख में मजदूर पुल को जोड़ रहे हैं। अभी तक 20 मीटर से अधिक पुल को जोड़ने का कार्य पूरा हो चुका है।
यह 60 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़े स्पान का पुल है। डीडीएमए (डिस्ट्रीक डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथीरिटी) सिविल डिवीजन के ईई केएस नेगी ने बताया कि आगामी 13 दिन में पुल को जोड़ने का कार्य पूरा कर दिया जाएगा।
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सब ठीक रहा तो आगामी मार्च माह से पुल से भारी वाहनों की आवाजाही भी शुरू होने से गौरीकुंड तक सीधे कनेक्टिविटी जुड़ जाएगी।
डीएम डा. राघव लंगर ने बताया कि उत्तराखंड में बहुत कम स्थानों पर एक्रो पुल लगाए गए हैं। सोनप्रयाग में लग रहा यह पुल सुलभ होने के साथ यातायात के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
आपदा में बहा था पुल
आपदा में सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर मोटर पुल बहने के बाद सेना की ओर से यहां पर वैली ब्रिज बनाया गया था, लेकिन वह भी बीते वर्ष जून में भारी बारिश में ध्वस्त हो गया था।
ऐसे में डीडीएमए की ओर से वैकल्पिक हल्का मोटर वाहन पुल तैयार किया गया था। शासन ने बीते वर्ष अक्तूबर में सोनप्रयाग में एक्रो पुल बनाने का निर्णय लिया था।
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नौ फरवरी को अमेरिका से आए वैज्ञानिक मिस्टर रौलैंड और कंसल्टेंट डीसी नौटियाल की देखरेख में मजदूर पुल को जोड़ रहे हैं। अभी तक 20 मीटर से अधिक पुल को जोड़ने का कार्य पूरा हो चुका है।
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यह 60 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़े स्पान का पुल है। डीडीएमए (डिस्ट्रीक डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथीरिटी) सिविल डिवीजन के ईई केएस नेगी ने बताया कि आगामी 13 दिन में पुल को जोड़ने का कार्य पूरा कर दिया जाएगा।
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सब ठीक रहा तो आगामी मार्च माह से पुल से भारी वाहनों की आवाजाही भी शुरू होने से गौरीकुंड तक सीधे कनेक्टिविटी जुड़ जाएगी।
डीएम डा. राघव लंगर ने बताया कि उत्तराखंड में बहुत कम स्थानों पर एक्रो पुल लगाए गए हैं। सोनप्रयाग में लग रहा यह पुल सुलभ होने के साथ यातायात के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
आपदा में बहा था पुल
आपदा में सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर मोटर पुल बहने के बाद सेना की ओर से यहां पर वैली ब्रिज बनाया गया था, लेकिन वह भी बीते वर्ष जून में भारी बारिश में ध्वस्त हो गया था।
ऐसे में डीडीएमए की ओर से वैकल्पिक हल्का मोटर वाहन पुल तैयार किया गया था। शासन ने बीते वर्ष अक्तूबर में सोनप्रयाग में एक्रो पुल बनाने का निर्णय लिया था।