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आयकर विभाग की रडार पर हैं कई किसान
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रुद्रपुर। एनएच-74 चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत जमीनों का मुआवजा लेने वाले कई किसान आयकर विभाग की रडार पर हैं। विभाग की ओर से कुछ काश्तकारों को मिली मुआवजे की रकम का ब्योरा एसएलओ दफ्तर से मांगा गया है।
एनएच-74 मेें अधिग्रहीत जमीनों के एवज में काश्तकारों को हजारों से लेकर करोड़ों तक मुआवजा मिला था। करीब डेढ़ हजार किसानों को अभी तक मुआवजे का इंतजार है। ज्यादा मुआवजे के लालच में फंसे किसानों के साथ मिलकर अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों ने मुआवजा घोटाले को अंजाम दिया था। एसआईटी की जांच के बाद अब तक छह पीसीएस अधिकारियों सहित 27 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। पांच आरोपपत्र एसआईटी कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। इधर, अतिरिक्त या दोबारा मुआवजा लेने वाले किसानों को चिह्नित कर एसएलओ दफ्तर की ओर से वसूली की कार्रवाई की जा रही है। अंतिम नोटिस के बाद भी रुपये वापस नहीं करने वाले आधा दर्जन से अधिक किसानों के खिलाफ आरसी जारी हो चुकी है। अब करोड़ों का मुआवजा लेने वाले कई किसानों पर आयकर विभाग की नजर है। विभाग ने पत्र लिखकर काशीपुर और जसपुर के कुछ काश्तकारों का नाम देते हुए उनको मिले मुआवजे का ब्योरा एसएलओ दफ्तर से मांगा है। ये वे काश्तकार हैं, जिन्हें जमीन अधिग्रहीत होने के एवज मेें करोड़ों रुपये का मुआवजा मिला था।
सूत्रों के अनुसार मुआवजे के साथ ही अधिग्रहीत की गई जमीन का ब्योरा जुटाकर आयकर विभाग काश्तकारों को नोटिस जारी कर सकती है। आयकर विभाग से जुड़ा मामला होने की वजह से अधिकारी इस संबंध में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वहीं, एसएलओ दफ्तर की ओर से आयकर विभाग को किसानों के संबंध में मांगी गई जानकारी देने की कवायद की जा रही है।
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एनएच-74 मेें अधिग्रहीत जमीनों के एवज में काश्तकारों को हजारों से लेकर करोड़ों तक मुआवजा मिला था। करीब डेढ़ हजार किसानों को अभी तक मुआवजे का इंतजार है। ज्यादा मुआवजे के लालच में फंसे किसानों के साथ मिलकर अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों ने मुआवजा घोटाले को अंजाम दिया था। एसआईटी की जांच के बाद अब तक छह पीसीएस अधिकारियों सहित 27 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। पांच आरोपपत्र एसआईटी कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। इधर, अतिरिक्त या दोबारा मुआवजा लेने वाले किसानों को चिह्नित कर एसएलओ दफ्तर की ओर से वसूली की कार्रवाई की जा रही है। अंतिम नोटिस के बाद भी रुपये वापस नहीं करने वाले आधा दर्जन से अधिक किसानों के खिलाफ आरसी जारी हो चुकी है। अब करोड़ों का मुआवजा लेने वाले कई किसानों पर आयकर विभाग की नजर है। विभाग ने पत्र लिखकर काशीपुर और जसपुर के कुछ काश्तकारों का नाम देते हुए उनको मिले मुआवजे का ब्योरा एसएलओ दफ्तर से मांगा है। ये वे काश्तकार हैं, जिन्हें जमीन अधिग्रहीत होने के एवज मेें करोड़ों रुपये का मुआवजा मिला था।
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सूत्रों के अनुसार मुआवजे के साथ ही अधिग्रहीत की गई जमीन का ब्योरा जुटाकर आयकर विभाग काश्तकारों को नोटिस जारी कर सकती है। आयकर विभाग से जुड़ा मामला होने की वजह से अधिकारी इस संबंध में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वहीं, एसएलओ दफ्तर की ओर से आयकर विभाग को किसानों के संबंध में मांगी गई जानकारी देने की कवायद की जा रही है।
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