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Rudraprayag News: मद्महेश्वर की यात्रा भी रोकी, 50 यात्रियों को सुरक्षित निकाला
Wed, 06 Aug 2025 06:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Wed, 06 Aug 2025 06:30 PM IST
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गाड़-गदेरे उफान पर होने से पैदल रास्ते और खेत भी क्षतिग्रस्त
दो दिन से रतजगा कर रहे गौंडार के ग्रामीण, ट्रॉली का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त
मद्महेश्वर, तुंगनाथ, कालीमठ घाटी में सरकारी परिसंपत्तियों को नुकसान
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊखीमठ। दो दिन से हो रही बारिश से मद्महेश्वर घाटी में गाड़-गदेरे उफान पर हैं जिससे गांवों को जोड़ने वाले पैदल रास्तों सहित खेत-खलियान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ट्रॉली का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से द्वितीय केदार मद्महेश्वर की यात्रा भी रोक दी है। बीते दिनों 50 लोग मद्महेश्वर में थे जिसमें से 30 यात्रियों को सुरक्षित गौंडार लाया गया। बाकी स्थानीय हैं। यहां मंदिर को जोड़ने वाले रांसी-गौंडार-मद्महेश्वर पैदल मार्ग पर सरस्वती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वहीं गौंडार गांव के लोग दो दिनों से रतजगा कर रहे हैं।
केदारघाटी, तुंगनाथ घाटी, कालीमठ घाटी और मद्महेश्वर घाटी में बारिश से सरकारी परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र के सबसे दूरस्थ गांवों में एक गौंडार गांव के लोग दो दिन से रतजगा कर रहे हैं। यहां गांव के ठीक नीचे से बह रही सरस्वती नदी उफान पर है। नदी में पत्थर और मलबा आने से ग्रामीणों में भय बना है। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान अनूप पंवार ने बताया कि ग्रामीण दो रातों से सो नहीं पाए हैं जबकि अत्यधिक बारिश के कारण गांव के आंतरिक रास्तों को भी क्षति पहुंची है। बताया कि मद्महेश्वर में करीब 50 लोग थे। मद्महेश्वर को जोड़ने के लिए मोरकुंडा नदी पर लगाई गई ट्राॅली के सहारे 30 यात्रियों को वापस गौंडार लाया गया है। बाकी लोगस्थानीय हैं। मगर लगातार हो रही बारिश से ट्राॅली का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। दूसरी तरफ एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि मौसम और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए द्वितीय केदार की यात्रा फिलहाल रोक दी गई है। वहीं थानाध्यक्ष मुकेश चौहान ने बताया कि यात्रियों को रांसी से वापस भेजा जा रहा है।
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दो दिन से रतजगा कर रहे गौंडार के ग्रामीण, ट्रॉली का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त
मद्महेश्वर, तुंगनाथ, कालीमठ घाटी में सरकारी परिसंपत्तियों को नुकसान
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊखीमठ। दो दिन से हो रही बारिश से मद्महेश्वर घाटी में गाड़-गदेरे उफान पर हैं जिससे गांवों को जोड़ने वाले पैदल रास्तों सहित खेत-खलियान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ट्रॉली का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से द्वितीय केदार मद्महेश्वर की यात्रा भी रोक दी है। बीते दिनों 50 लोग मद्महेश्वर में थे जिसमें से 30 यात्रियों को सुरक्षित गौंडार लाया गया। बाकी स्थानीय हैं। यहां मंदिर को जोड़ने वाले रांसी-गौंडार-मद्महेश्वर पैदल मार्ग पर सरस्वती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वहीं गौंडार गांव के लोग दो दिनों से रतजगा कर रहे हैं।
केदारघाटी, तुंगनाथ घाटी, कालीमठ घाटी और मद्महेश्वर घाटी में बारिश से सरकारी परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र के सबसे दूरस्थ गांवों में एक गौंडार गांव के लोग दो दिन से रतजगा कर रहे हैं। यहां गांव के ठीक नीचे से बह रही सरस्वती नदी उफान पर है। नदी में पत्थर और मलबा आने से ग्रामीणों में भय बना है। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान अनूप पंवार ने बताया कि ग्रामीण दो रातों से सो नहीं पाए हैं जबकि अत्यधिक बारिश के कारण गांव के आंतरिक रास्तों को भी क्षति पहुंची है। बताया कि मद्महेश्वर में करीब 50 लोग थे। मद्महेश्वर को जोड़ने के लिए मोरकुंडा नदी पर लगाई गई ट्राॅली के सहारे 30 यात्रियों को वापस गौंडार लाया गया है। बाकी लोगस्थानीय हैं। मगर लगातार हो रही बारिश से ट्राॅली का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। दूसरी तरफ एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि मौसम और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए द्वितीय केदार की यात्रा फिलहाल रोक दी गई है। वहीं थानाध्यक्ष मुकेश चौहान ने बताया कि यात्रियों को रांसी से वापस भेजा जा रहा है।
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