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Rudraprayag News: सगे भाई की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
Fri, 21 Aug 2026 07:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Fri, 21 Aug 2026 07:06 PM IST
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अदालत से
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला
40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। अपने सगे बड़े भाई श्रीकांत की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना अग्रवाल की अदालत ने नितिन सिंह नेगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
घटनाक्रम के अनुसार थाना रुद्रप्रयाग के ग्राम जवाड़ी मरुड़ी सारी निवासी नितिन सिंह नेगी पर 24 दिसंबर 2024 को सगे बड़े भाई श्रीकांत पर चाकू से हमला करने का आरोप लगा था। हमले में श्रीकांत की अस्पताल में मौत हो गई थी। शिकायतकर्ता सुरेंद्र सिंह नेगी की तहरीर पर पुलिस ने नितिन सिंह नेगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अब जिला सत्र एवं न्यायाधीश की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, साक्ष्यों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने नितिन सिंह नेगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 40 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। कहा गया कि विचारण के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को नियमानुसार सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।
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डाक विभाग में फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करने की कोशिश पर दो साल की कैद
न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन नदीम अहमद की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। भारतीय डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) के पद पर फर्जी दस्तावेजों के जरिये नौकरी हासिल करने की कोशिश करने वाले बुलंदशहर निवासी व्यक्ति को अदालत ने दोषी करार दिया है। न्यायालय सिविल जज (सीडि)/एसीजेएम कर्णप्रयाग, नदीम अहमद की अदालत ने अभियुक्त पुष्पेंद्र कुमार को बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत दो-दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 11,000 रुपये का अर्थदंड लगाया।
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6 सितंबर 2024 को एक युवक ने आशीष पंत नाम से सैंजी, गैरसैंण शाखा डाकघर में सहायक शाखा डाकपाल के पद के लिए अपनी हाईस्कूल अंकतालिका और पहचान पत्र सत्यापन के लिए कर्णप्रयाग डाकघर में दिए। डाक निरीक्षक प्रशांत ने जब ऑनलाइन पोर्टल पर जांच की गई तो पता चला कि अभ्यर्थी ने अपना असली नाम पुष्पेन्द्र कुमार बदलकर आशीष पंत कर लिया था। जांच अधिकारी की ओर से सीबीएसई स्कूल रिकॉर्ड से सत्यापन कराने पर अंकतालिका पर लगी मोहर व हस्ताक्षर फर्जी मिले। अदालत ने विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर पुष्पेंद्र कुमार को झूठी पहचान बताकर धोखाधड़ी, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स व दस्तावेजों की जालसाजी, कूटरचित या जाली दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करने सहित अन्य मामलों में दोषी माना और दो साल की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला
40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। अपने सगे बड़े भाई श्रीकांत की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना अग्रवाल की अदालत ने नितिन सिंह नेगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
घटनाक्रम के अनुसार थाना रुद्रप्रयाग के ग्राम जवाड़ी मरुड़ी सारी निवासी नितिन सिंह नेगी पर 24 दिसंबर 2024 को सगे बड़े भाई श्रीकांत पर चाकू से हमला करने का आरोप लगा था। हमले में श्रीकांत की अस्पताल में मौत हो गई थी। शिकायतकर्ता सुरेंद्र सिंह नेगी की तहरीर पर पुलिस ने नितिन सिंह नेगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अब जिला सत्र एवं न्यायाधीश की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, साक्ष्यों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने नितिन सिंह नेगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 40 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। कहा गया कि विचारण के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को नियमानुसार सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।
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डाक विभाग में फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करने की कोशिश पर दो साल की कैद
न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन नदीम अहमद की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। भारतीय डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) के पद पर फर्जी दस्तावेजों के जरिये नौकरी हासिल करने की कोशिश करने वाले बुलंदशहर निवासी व्यक्ति को अदालत ने दोषी करार दिया है। न्यायालय सिविल जज (सीडि)/एसीजेएम कर्णप्रयाग, नदीम अहमद की अदालत ने अभियुक्त पुष्पेंद्र कुमार को बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत दो-दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 11,000 रुपये का अर्थदंड लगाया।
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6 सितंबर 2024 को एक युवक ने आशीष पंत नाम से सैंजी, गैरसैंण शाखा डाकघर में सहायक शाखा डाकपाल के पद के लिए अपनी हाईस्कूल अंकतालिका और पहचान पत्र सत्यापन के लिए कर्णप्रयाग डाकघर में दिए। डाक निरीक्षक प्रशांत ने जब ऑनलाइन पोर्टल पर जांच की गई तो पता चला कि अभ्यर्थी ने अपना असली नाम पुष्पेन्द्र कुमार बदलकर आशीष पंत कर लिया था। जांच अधिकारी की ओर से सीबीएसई स्कूल रिकॉर्ड से सत्यापन कराने पर अंकतालिका पर लगी मोहर व हस्ताक्षर फर्जी मिले। अदालत ने विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर पुष्पेंद्र कुमार को झूठी पहचान बताकर धोखाधड़ी, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स व दस्तावेजों की जालसाजी, कूटरचित या जाली दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करने सहित अन्य मामलों में दोषी माना और दो साल की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी।