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केदारनाथ यात्रा ने खोले महिलाओं के लिए आर्थिकी के द्वार, प्रसाद बनाकर कमा रहीं लाखों

Mon, 28 Oct 2019 11:43 AM IST
देहरादून ब्यूरो विनय बहुगुणा, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
विनय बहुगुणा, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Mon, 28 Oct 2019 11:43 AM IST
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Kedarnath yatra opened the doors of women's economy
प्रसाद बनाती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

केदारनाथ यात्रा ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। बीते दो वर्षों से जनपद में सैकड़ों महिलाएं बाबा केदार की यात्रा के लिए स्थानीय उत्पादों से प्रसाद तैयार कर रही हैं, जिससे उन्हें आमदानी के साथ रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।

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इस वर्ष भी 142 समूहों से जुड़ी 1612 महिलाएं केदारनाथ यात्रा के लिए स्थानीय उत्पादों से प्रसाद बना रही है, जिसमें चौलाई के लड्डू व चूरण प्रमुख है। 9 मई को कपाट खुलने के बाद से अभी तक इन महिलाओं के द्वारा तैयार किया गया प्रसाद से 1 करोड़ 20 लाख 80 हजार रुपये की बिक्री हो चुकी है।
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जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की पहल पर वर्ष 2018 में केदारनाथ  के लिए प्रसाद बनाने का जिम्मा महिलाओं को सौंपने की अभिनव पहल की गई थी, जिसके बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। बीकेटीसी, प्रशासन व समूहों द्वारा गठित प्रसाद संघ की देखरेख में इस वर्ष भी जनपद में गंगा दुग्ध उत्पादक समूह, स्वराज सहकारिता, पिरामल फाउंडेशन, हरियाली भवन, केदार-बदरी समिति, ह्यूम इंडिया, आस्था, हिमाद्री, आईएलएसपी और एनआरएलएम से जुड़े 142 समूहों में शामिल ग्रामीण 1612 महिलाओं द्वारा केदारनाथ यात्रा का प्रसाद तैयार कर उसकी पैकिंग की जा रही है।
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वे, घर-परिवार के कामकाज के साथ प्रसाद बनाने का कार्य कर रही है। प्रसाद में श्रद्धालुओं को चौलाई के लड्डू व चूरमा के साथ धूप, बेलपत्री, ंगंगाजल, भष्म व केदारनाथ का प्रतीक सिक्का, अलग-अलग मूल्य के पैकेट/बैग में पैकिंग की जा रही है।

इस वर्ष 9 मई से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में अभी 1 करोड़, 20 लाख 80 हजार रुपये का प्रसाद बिक्री हो चुका है, जिसमें से प्रसाद संघ द्वारा 60 लाख रुपये समूहों को भुगतान कर दिया गया है। प्रसाद की बिक्री के लिए प्रशासन के सहयोग से संघ द्वारा सोनप्रयाग व केदारनाथ में काउंटर खोले गए हैं।

जहां प्रतिदिन हजारों यात्री प्रसाद की खरीद कर रहे हैं। साथ ही गुप्तकाशी, फाटा और शेरसी हेलीपैड पर स्टॉल लगाए गए हैं। प्रसाद संघ के सह सचिव भाष्कर पुरोहित ने बताया कि बाबा केदार की यात्रा से ग्रामीण महिलाओं को नया मंच मिला है।

927.02 कुंतल खरीदी जा चुकी चौलाई
केदारनाथ प्रसाद के लिए समूहों द्वारा जनपद के तीनों विकासखंड के 30 से अधिक गांवों से साढ़े पांच सौ काश्तकारों से अभी तक 55 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से 927.02 कुंतल चौलाई की खरीद की जा चुकी है। जिले के क्यार्क, खेड़ी, घंडियाल्का, बीरों, पाबौ, ग्वेफड़, चिनग्वाड़, पुलन, बांगर, भणज आदि गांवों से अधिक चौलाई खरीदी गई है।

केदारनाथ यात्रा से जनपद का आमजन जुड़े, इसी उद्देश्य के साथ स्थानीयय प्रसाद की जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी गई है। वे सामाजिक व आर्थिक रूप से मजबूत हो रही है। कपाट खुलने के बाद से अभी तक एक करोड़ से अधिक का स्थानीय प्रसाद बिक्री हो चुका है।
- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग

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