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केदारनाथ यात्रा: अब रोटेशन के आधार पर चलेंगे घोड़े-खच्चर
Tue, 17 May 2022 11:49 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 17 May 2022 11:49 AM IST
सार
केदारनाथ यात्रा में एक दिन में 4500 से 5000 घोड़े-खच्चर ही चलेंगे, यह निर्णय जानवरों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। अब जानवरों कोआराम मिलेगा जिससे आवाजाही सुलभ होगी।
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केदारनाथ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केदारनाथ यात्रा में घोड़ा-खच्चरों को नियमित आराम मिले और पैदल मार्ग पर आवाजाही सुलभ हो, इसके लिए जिलाधिकारी ने नई व्यवस्था बनाई है। अब, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर रोटेशन के हिसाब से प्रतिदिन 4500 से 5000 घोड़ा-खच्चरों का संचालन होगा। जिला प्रशासन ने बीते सप्ताह 16 घोड़ा-खच्चरों की मौत का संज्ञान लेकर यह व्यवस्था बनाई है। साथ ही संचालकों व हॉकर को भी जरूरी निर्देश जारी किए हैं।
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केदारनाथ यात्रा में इस वर्ष 8516 घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण हुआ है। घोड़ा-खच्चर संचालकों द्वारा इनसे अत्यधिक काम लिया जा रहा है, जिससे इन्हें आराम नहीं मिलने से बीते 10 से 16 मई के बीच तीन दिनों में 30 घोड़ा-खच्चरों की मौत हो गई है। घटना का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने तत्काल प्रभाव से गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों का संचालन रोटेशन के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने एक दिन में 4500 से 5000 घोड़ा-खच्चरों का संचालन करने को कहा है, जिससे जानवरों को पर्याप्त आराम मिल सके। साथ ही घोड़ा-खच्चर संचालक/हॉकर को भी आईडी के आधार पर जानवर के साथ रहने को कहा है, जिससे किस जानवर के साथ कौन हॉकर चल रहा है इसकी जानकारी मिलती रहे। इधर, डीएम ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और जानवरों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रोटेशन के तहत संचालन का निर्णय लिया गया है।
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