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वैष्णो देवी की तर्ज पर केदार यात्रा शुरू तो दूर योजना तक नहीं बनी
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केदारनाथ की यात्रा को वैष्णो देवी की यात्रा की तर्ज पर संचालित करने की योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है, जबकि बीते दस वर्षों में तीन बार अधिकारियों की टीम वैष्णो देवी यात्रा का जायजा ले चुकी है। लेकिन बाबा की यात्रा की बेहतरी के प्रयास तक नहीं हो पाए हैं।
केदारनाथ और वैष्णो देवी मंदिर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 17 से 18 किमी पैदल दूरी नापनी होती है, लेकिन यात्री सुविधाओं को लेकर वैष्णो देवी धाम सर्वोपरी है। वर्ष 2018 में तत्कालीन डीएम मंगेश घिल्डियाल ने वैष्णो देवी में बिजली, संचार, यात्रियों के लिए प्रवास व भोजन व्यवस्था के अध्ययन के लिए पशुपालन, स्वास्थ्य विभाग, उरेडा, पर्यटन सहित आठ विभागों के अधिकारियों को भेजा था। दल की रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा भी हुई, लेकिन सुधाव धरातल पर नहीं उतर पाए। वर्ष 2010 व 14 में भी प्रशासन द्वारा वैष्णो देवी की यात्रा के अध्ययन के लिए जिलास्तरीय अधिकारी भेजे गए थे, लेकिन काम तो दूर योजना तक नहीं बन पाई।
वैष्णो देवी की यात्रा की तर्ज पर केदारनाथ यात्रा संचालन के लिए पूर्व में जो भी दल गए थे, उसके बारे में जानकारी प्राप्त की जाएगी। साथ ही संबंधित रिपोर्टों का अध्ययन कर आने वाले समय में बेहतर यात्रा संचालन के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा।
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- मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
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केदारनाथ और वैष्णो देवी मंदिर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 17 से 18 किमी पैदल दूरी नापनी होती है, लेकिन यात्री सुविधाओं को लेकर वैष्णो देवी धाम सर्वोपरी है। वर्ष 2018 में तत्कालीन डीएम मंगेश घिल्डियाल ने वैष्णो देवी में बिजली, संचार, यात्रियों के लिए प्रवास व भोजन व्यवस्था के अध्ययन के लिए पशुपालन, स्वास्थ्य विभाग, उरेडा, पर्यटन सहित आठ विभागों के अधिकारियों को भेजा था। दल की रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा भी हुई, लेकिन सुधाव धरातल पर नहीं उतर पाए। वर्ष 2010 व 14 में भी प्रशासन द्वारा वैष्णो देवी की यात्रा के अध्ययन के लिए जिलास्तरीय अधिकारी भेजे गए थे, लेकिन काम तो दूर योजना तक नहीं बन पाई।
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वैष्णो देवी की यात्रा की तर्ज पर केदारनाथ यात्रा संचालन के लिए पूर्व में जो भी दल गए थे, उसके बारे में जानकारी प्राप्त की जाएगी। साथ ही संबंधित रिपोर्टों का अध्ययन कर आने वाले समय में बेहतर यात्रा संचालन के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा।
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- मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग