{"_id":"5d5700318ebc3e899507cd80","slug":"investigation-started-on-allegations-of-disturbances-in-development-works-in-ferozepur-rudrapur-news-hld3530780163","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिरोजपुर में विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोपों की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिरोजपुर में विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोपों की जांच शुरू
विज्ञापन
काशीपुर के फिरोजपुर में ग्रामीणों से विकास कार्यों के संबंध में जानकारी लेते टीम में शामिल अधिक?
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। काशीपुर के फिरोजपुर ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों की सीडीओ की ओर से नामित कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। कमेटी में शामिल अधिकारियों ने फिरोजपुर पहुंचकर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों के समक्ष कुछ लोगों ने हंगामा भी किया। शिकायतकर्ताओं ने जांच कमेटी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ से शिकायत करने के साथ ही जांच में पुलिस को भी शामिल करने की मांग की है।
दरअसल बीते 29 जुलाई को फिरोजपुर ग्राम पंचायत के कुछ ग्रामीणों ने जनसुनवाई दिवस पर डीएम डॉ. नीरज खैरवाल को शिकायती पत्र सौंपा था। उन्होंने कहा था कि ग्राम पंचायत में पिछले पांच वर्षों में हुए विकास कार्यों में काफी गड़बड़ियां हैं। कई कार्य सिर्फ कागजों में दिखाए गए हैं। उन्होंने पांच वर्षों के विकास कार्यों की जिलास्तरीय उच्च टीम या एसआईटी से जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद सीडीओ ने कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी की अगुवाई में टीम गठित कर शिकायतों की जांच करने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में जांच टीम बीते 14 अगस्त को फिरोजपुर गांव पहुंची थीं। टीम में शामिल अधिकारियों ने विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कुछ लोगों से विकास कार्यों को लेकर जानकारी भी ली। जांच को लेकर गांव में निवर्तमान प्रधान और शिकायतकर्ताओं के बीच दो गुट बन गए। प्रधान पक्ष की तरफ से कई महिलाओं ने मनरेगा के तहत हुए कार्य में मजदूरी करने की बात कही थी। उन्होंने कुछ कार्य भी दिखाए थे। इस पर शिकायतकर्ता पक्ष के लोग उखड़ गए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर आरोप हैं, उनके लोगों को साथ लेकर जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती है। शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों ने सीडीओ को फोन कर जांच कमेटी की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया और टीम में पुलिस को भी शामिल करने की मांग की। हालांकि कुछ घंटे बाद टीम लौट आई। इधर, डीडीओ अजय कुमार ने बताया कि सीडीओ के निर्देश पर जांच कमेटी ने फिरोजपुर में हुए कार्यों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, तालाब निर्माण में अपात्रों से वसूली को लेकर बीडीओ से रिपोर्ट तलब की गई है।
विज्ञापन
दरअसल बीते 29 जुलाई को फिरोजपुर ग्राम पंचायत के कुछ ग्रामीणों ने जनसुनवाई दिवस पर डीएम डॉ. नीरज खैरवाल को शिकायती पत्र सौंपा था। उन्होंने कहा था कि ग्राम पंचायत में पिछले पांच वर्षों में हुए विकास कार्यों में काफी गड़बड़ियां हैं। कई कार्य सिर्फ कागजों में दिखाए गए हैं। उन्होंने पांच वर्षों के विकास कार्यों की जिलास्तरीय उच्च टीम या एसआईटी से जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद सीडीओ ने कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी की अगुवाई में टीम गठित कर शिकायतों की जांच करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
इसी क्रम में जांच टीम बीते 14 अगस्त को फिरोजपुर गांव पहुंची थीं। टीम में शामिल अधिकारियों ने विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कुछ लोगों से विकास कार्यों को लेकर जानकारी भी ली। जांच को लेकर गांव में निवर्तमान प्रधान और शिकायतकर्ताओं के बीच दो गुट बन गए। प्रधान पक्ष की तरफ से कई महिलाओं ने मनरेगा के तहत हुए कार्य में मजदूरी करने की बात कही थी। उन्होंने कुछ कार्य भी दिखाए थे। इस पर शिकायतकर्ता पक्ष के लोग उखड़ गए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर आरोप हैं, उनके लोगों को साथ लेकर जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती है। शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों ने सीडीओ को फोन कर जांच कमेटी की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया और टीम में पुलिस को भी शामिल करने की मांग की। हालांकि कुछ घंटे बाद टीम लौट आई। इधर, डीडीओ अजय कुमार ने बताया कि सीडीओ के निर्देश पर जांच कमेटी ने फिरोजपुर में हुए कार्यों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, तालाब निर्माण में अपात्रों से वसूली को लेकर बीडीओ से रिपोर्ट तलब की गई है।