{"_id":"611d103e8ebc3e79d53b2a48","slug":"include-yoga-as-an-independent-subject-in-the-curriculum-rudrapryag-news-drn3877731166","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘योग को स्वतंत्र विषय के रूप में पाठ्यक्रम में करें शामिल’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘योग को स्वतंत्र विषय के रूप में पाठ्यक्रम में करें शामिल’
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय योग संगठन, जिला इकाई ने प्रदेश सरकार से योग को विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की है। इस संबंध में डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया है।
संगठन के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह कैंतुरा के नेतृत्व में योग प्रशिक्षितों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम मनुज गोयल से भेंट की। जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा गया। इसमें योग को स्वतंत्र विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल करने और स्वास्थ्य, आयुष, पर्यटन व पुलिस विभाग में प्रशिक्षितों को रोजगार देने की मांग की गई। प्रशिक्षितों का कहना है कि उन्हें प्रशिक्षण प्राप्त किए 10 से 17 वर्ष हो चुके हैं लेकिन अब तक प्रदेश सरकार उनके लिए रोजगार मुहैया नहीं करा पाई हैं। योग को विषय के रूप में संचालित करने को प्रदेश सरकारों द्वारा वर्ष 2010, 2014 व 2016 में कैबिनेट में प्रस्ताव भी पारित हो चुका है लेकिन मामला शासन से आगे नहीं बढ़ पाया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर दुनिया के 200 देश 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। योग प्रशिक्षितों ने सरकार से 22 अगस्त से शुरू हो रहे विस सत्र में योग शिक्षा व योग प्रशिक्षितों को रोजगार पर चर्चा कर ठोस निर्णय लिया जाए। योग प्रशिक्षितों ने रुद्रप्रयाग के विधायक भरत सिंह चौधरी और केदारनाथ विधायक मनोज रावत को भी ज्ञापन सौंपकर विस सत्र में योग प्रशिक्षितों के हितों पर चर्चा करने की गुहार लगाई है। प्रतिनिधिमंडल में सुरेंद्र रावत, चंद्रशेखर, देवकीनंदन बमोला, आरके बिष्ट, बृजेश सेमवाल, भवानी लाल, आशीष बर्तवाल, अरविंद शुक्ला आदि शामिल थे।
विज्ञापन
संगठन के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह कैंतुरा के नेतृत्व में योग प्रशिक्षितों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम मनुज गोयल से भेंट की। जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा गया। इसमें योग को स्वतंत्र विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल करने और स्वास्थ्य, आयुष, पर्यटन व पुलिस विभाग में प्रशिक्षितों को रोजगार देने की मांग की गई। प्रशिक्षितों का कहना है कि उन्हें प्रशिक्षण प्राप्त किए 10 से 17 वर्ष हो चुके हैं लेकिन अब तक प्रदेश सरकार उनके लिए रोजगार मुहैया नहीं करा पाई हैं। योग को विषय के रूप में संचालित करने को प्रदेश सरकारों द्वारा वर्ष 2010, 2014 व 2016 में कैबिनेट में प्रस्ताव भी पारित हो चुका है लेकिन मामला शासन से आगे नहीं बढ़ पाया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर दुनिया के 200 देश 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। योग प्रशिक्षितों ने सरकार से 22 अगस्त से शुरू हो रहे विस सत्र में योग शिक्षा व योग प्रशिक्षितों को रोजगार पर चर्चा कर ठोस निर्णय लिया जाए। योग प्रशिक्षितों ने रुद्रप्रयाग के विधायक भरत सिंह चौधरी और केदारनाथ विधायक मनोज रावत को भी ज्ञापन सौंपकर विस सत्र में योग प्रशिक्षितों के हितों पर चर्चा करने की गुहार लगाई है। प्रतिनिधिमंडल में सुरेंद्र रावत, चंद्रशेखर, देवकीनंदन बमोला, आरके बिष्ट, बृजेश सेमवाल, भवानी लाल, आशीष बर्तवाल, अरविंद शुक्ला आदि शामिल थे।
विज्ञापन