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मूल निवासियों के हितों की हो रही अनदेखी
ब्यूरो/अमर उजाला रुद्रप्रयाग
Updated Sat, 09 Apr 2016 10:20 PM IST
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नवक्रांति स्वराज मोर्चा ने उत्तराखंड में मूल निवास प्रमाणपत्र की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। यहां हुई गोष्ठी में मुख्य वक्ता शंकर सिंह भाटिया ने कहा कि राज्य गठन के 16 वर्षोंड्ड में भी सरकारें अपनी प्राथमिकताएं तय नहीं कर पाई हैं।
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कहा कि एक अंतरिम और तीन चुनी सरकारें प्रदेश को मिल चुकी हैं। बावजूद मूल निवासियों के हितों की अनदेखी जारी है। कहा कि राज्य में राजनीतिक साजिश बढ़ने से आमजन को जरूरी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
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कहा कि उत्तराखंड में विकास सीमित क्षेत्रों तक सिमटकर रह गया है। सिर्फ कुछ इलाके हैं, जहां विकास कार्य हो रहे हैं। पहाड़ की सुध नहीं ली जा रही है। एसपी थपलियाल ने जमीन की खरीद-फरोख्त को तत्काल प्रभाव से बंद करने पर जोर दिया।
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उन्होंने हिमाचल की तरह सेक्शन 118 को प्रभावी तरीके से लागू करने की बात कही। बैठक में जंगली जानवरों की दहशत से मुक्ति दिलाने की मांग की गई। कहा कि अधिकांश गांव जंगल के निकट बसे हैं। ऐसे में वन्य जीवों से सुरक्षा के लिए जन सुरक्षा अधिनियम भी बनाना चाहिए।
इस मौके पर गैरसैंण राजधानी और राज्य गठन के बाद यूपी से परिसंपत्तियों का बंटवारा न होने पर प्रदेश सरकारों की कार्यशैली पर रोष जताया गया। इस मौके पर आदित्य कोठारी, दीपक पोखरियाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।