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रसोई गैस सिलिंडर फटने से पति-पत्नी बुरी तरह झुलसे
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जखोली ब्लॉक के फलाटी गांव में रसोई गैस सिलिंडर फटने से पति-पत्नी बुरी तरह झुलस गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि में भर्ती कराया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पहले बेस अस्पताल और फिर वहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। दोनों 70 फीसदी से अधिक झुलसे हैं।
घटना बीते बुधवार की रात करीब आठ बजे घटी। फलाटी गांव निवासी नरेंद्र लाल (37), पुत्र रामलाल बच्चों के साथ आंगन में बैठे थे। इसी बीच उनकी पत्नी बिछना देवी (34) खाना बनाने रसोई में चली गईं।
बिछना ने जैसे ही गैस सिलिंडर पर लगे रेगुलेटर को ऑन कर लाइटर जलाया, सिलिंडर ने आग पकड़ ली, जो सीधे चूल्हे तक पहुंच गई। इससे पहले कि वह कुछ समझ पातीं, आग की लपटों से घिर गईं। बिछना के चिल्लाने की आवाज सुनकर नरेंद्र लाल दौड़े-दौड़े रसोई में गए। उसी वक्त जोरदार धमाके के साथ सिलिंडर फट गया और दोनों पति-पत्नी बुरी तरह झुलस गए। उनके मकान को भी काफी क्षति पहुंची।
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उधर, धमाका सुन पास-पडोस के लोग भी तुरंत वहां पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित किया। गंभीर रूप से झुलसे दंपती को अस्पताल ले जाने के लिए सिल्ली पहुंचाया। यहां से पूर्व कनिष्ठ प्रमुख रमेश बेंजवाल ने उन्हें अपने वाहन से ले जाकर रात करीब साढ़े नौ बजे सीएचसी, अगस्त्यमुनि में भर्ती कराया।
प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दंपती की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेस अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी, बर्न वार्ड नहीं होने के चलते देर रात करीब दो बजे उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।
गैस एजेंसी जिम्मेदार
क्षेत्र पंचायत सदस्य सतेंद्र कंडारी ने घटना के लिए संबंधित गैस एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि एजेंसी से भेजे जाने वाले ज्यादातर गैस सिलिंडर लीक होते रहते हैं। इससे हर समय खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से एजेंसी के जरिए पीड़ित को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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घटना बीते बुधवार की रात करीब आठ बजे घटी। फलाटी गांव निवासी नरेंद्र लाल (37), पुत्र रामलाल बच्चों के साथ आंगन में बैठे थे। इसी बीच उनकी पत्नी बिछना देवी (34) खाना बनाने रसोई में चली गईं।
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बिछना ने जैसे ही गैस सिलिंडर पर लगे रेगुलेटर को ऑन कर लाइटर जलाया, सिलिंडर ने आग पकड़ ली, जो सीधे चूल्हे तक पहुंच गई। इससे पहले कि वह कुछ समझ पातीं, आग की लपटों से घिर गईं। बिछना के चिल्लाने की आवाज सुनकर नरेंद्र लाल दौड़े-दौड़े रसोई में गए। उसी वक्त जोरदार धमाके के साथ सिलिंडर फट गया और दोनों पति-पत्नी बुरी तरह झुलस गए। उनके मकान को भी काफी क्षति पहुंची।
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उधर, धमाका सुन पास-पडोस के लोग भी तुरंत वहां पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित किया। गंभीर रूप से झुलसे दंपती को अस्पताल ले जाने के लिए सिल्ली पहुंचाया। यहां से पूर्व कनिष्ठ प्रमुख रमेश बेंजवाल ने उन्हें अपने वाहन से ले जाकर रात करीब साढ़े नौ बजे सीएचसी, अगस्त्यमुनि में भर्ती कराया।
प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दंपती की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेस अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी, बर्न वार्ड नहीं होने के चलते देर रात करीब दो बजे उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।
गैस एजेंसी जिम्मेदार
क्षेत्र पंचायत सदस्य सतेंद्र कंडारी ने घटना के लिए संबंधित गैस एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि एजेंसी से भेजे जाने वाले ज्यादातर गैस सिलिंडर लीक होते रहते हैं। इससे हर समय खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से एजेंसी के जरिए पीड़ित को मुआवजा दिलाने की मांग की है।