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त्रियुगीनारायण में विधि-विधान से मनाया गया हरियाली पर्व

Tue, 14 Sep 2021 10:14 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 10:14 PM IST
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Hariyali festival celebrated by law in Triyuginarayan
दूर्वा अष्टमी पर त्रियुगीनारायण मंदिर में भगवान को ग्रामीणों ने अपने आराध्य को अर्पित की जौ की ह? - फोटो : RUDRAPRYAG
दूर्वा अष्टमी पर शिव-पार्वती की विवाह स्थली त्रियुगीनारायण में हरियाली पर्व विधि-विधान के साथ मनाया गया। ग्रामीणों ने घरों में रिंगाल की टोकरी में उगाई गई जौ की हरियाली को भगवान नारायण को अर्पित किया। साथ ही भक्तों को प्रसाद रूप में वितरित किया। कोरोनाकाल के कारण इस बार भी अनुष्ठान सूक्ष्म रूप से मनाया गया।
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मंगलवार को ढोल-दमाऊं के साथ ग्रामीणों द्वारा घरों से रिंगाल की टोकरी में तैयार की गई जौ की हरियाली को त्रियुगीनारायण मंदिर में लाया गया। वहां विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मंदिर के पुजारी ने सर्वप्रथम भगवान विष्णु के चरणों में हरियाली को भेंट किया। इसके बाद सभी हरियाली से भरी अपनी-अपनी टोकरियों को घर ले गए। इस दौरान गांव के प्रत्येक घर में जाकर बुजुर्गों को भी प्रसाद रूप में हरियाली भेंट की गई। त्रियुगीनारायण मेला समिति के अध्यक्ष दिवाकर गैरोला ने बताया कि परंपरानुसार इस वर्ष भी सात दिन पूर्व ग्रामीणों द्वारा पूजा-अर्चना के साथ घरों में जौ बोई गई थीं। इस मौके पर ग्राम प्रधान प्रियंका तिवारी, योगेंद्र तिवारी, राजेश भट्ट, परशुराम गैरोला, महेंद्र सेमवाल, सर्वेशानंद भट्ट, रजनीश गैरोला, अनीता राणा, गिरीश चंद्र, मीनाक्षी घिल्डियाल आदि मौजूद थे।
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अब, 17 को होगा बामन द्वादशी मेला
मेला समिति के अध्यक्ष दिवाकर गैरोला ने बताया कि अब बामन द्वादशी मेला 17 सितंबर को होगा। इस दौरान भक्तों को प्रसाद रूप में हरियाली वितरित की जाएगी। इस दिन भगवान बामन, गर्भगृह से बाहर आकर चांदी की थाल में विराजमान होकर अपने भक्तों को दर्शन देंगे। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने माता अदिति के गर्भ में जन्म लेने से पूर्व उन्हें सपने में बताया कि मैं त्रियुगीनारायण स्थान पर शुक्ल पक्ष की द्वादशी के दिन बामन रूप में जन्म लूंगा। यह बात माता अदिति ने ऋषि कश्यप को बताई। तब, उनके शिष्यों ने इस खुशी में हरियाली बोकर जन्म से पूर्व दूर्वा अष्टमी के दिन भगवान नारायण को अर्पित किया था।
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