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अतिवृष्टि से प्रभावित 53 परिवारों को दी गई अहेतुक राशि
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अतिवृष्टि से प्रभावित 53 भवन स्वामियों को प्रशासन ने अहेतुक राशि के रूप में 38-38 सौ रुपये के चेक प्रदान किए हैं, लेकिन व्यापारियों को त्वरित मदद नहीं मिलने से उनमें आक्रोश है।
बृहस्पतिवार मध्य रात्रि को हुई बारिश व अतिवृष्टि से अगस्त्यमुनि व विजयनगर में मलबा व बरसाती पानी कई घरों व दुकानों में घुस गया था। प्रशासन द्वारा सभी प्रभावितों को चिहिृृत करने का कार्य किया जा रहा है। शनिवार को राजस्व विभाग द्वारा 53 प्रभावित भवन स्वामी/परिवारों को अहेतुक राशि प्रदान की गई। इन सभी लोगों को 3800-3800 रुपये के चेक प्रदान किए गए, लेकिन 85 प्रभावित व्यापारियों को अभी तक त्वरित मदद नहीं मिल पाई है, जिस कारण उनमें रोष पनप रहा है। कहना है, दुकानों के अंदर मलबा व पानी घुसने से लाखों का नुकसान हुआ है। दो दिन से वह, खराब हो चुकी सामग्री को एकत्रित कर कूड़ा वाहन में डालने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा अभी तक उनकी सुध नहीं ली गई है। प्रभावित उमेश कांडपाल, पंकज डोबरियाल व भुवन डोबरियाल का कहना है, कि उनके दुकानों के गोदाम व कमरों में मलबा भरा हुआ है, जिससे लाखों की सामग्री नष्ट हो चुकी है। प्रशासन द्वारा क्षति का आकलन भी किया गया, लेकिन प्रभावितों की लिस्ट में हमारा नाम तक शामिल नहीं किया गया है। इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि अहेतुक राशि में व्यापारिक प्रतिष्ठान शामिल नहीं हैं। इस संबंध में शासन से संपर्क किया गया है। साथ ही अन्य प्रभावित परिवारों को त्वरित मदद दे दी गई है।
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बृहस्पतिवार मध्य रात्रि को हुई बारिश व अतिवृष्टि से अगस्त्यमुनि व विजयनगर में मलबा व बरसाती पानी कई घरों व दुकानों में घुस गया था। प्रशासन द्वारा सभी प्रभावितों को चिहिृृत करने का कार्य किया जा रहा है। शनिवार को राजस्व विभाग द्वारा 53 प्रभावित भवन स्वामी/परिवारों को अहेतुक राशि प्रदान की गई। इन सभी लोगों को 3800-3800 रुपये के चेक प्रदान किए गए, लेकिन 85 प्रभावित व्यापारियों को अभी तक त्वरित मदद नहीं मिल पाई है, जिस कारण उनमें रोष पनप रहा है। कहना है, दुकानों के अंदर मलबा व पानी घुसने से लाखों का नुकसान हुआ है। दो दिन से वह, खराब हो चुकी सामग्री को एकत्रित कर कूड़ा वाहन में डालने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा अभी तक उनकी सुध नहीं ली गई है। प्रभावित उमेश कांडपाल, पंकज डोबरियाल व भुवन डोबरियाल का कहना है, कि उनके दुकानों के गोदाम व कमरों में मलबा भरा हुआ है, जिससे लाखों की सामग्री नष्ट हो चुकी है। प्रशासन द्वारा क्षति का आकलन भी किया गया, लेकिन प्रभावितों की लिस्ट में हमारा नाम तक शामिल नहीं किया गया है। इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि अहेतुक राशि में व्यापारिक प्रतिष्ठान शामिल नहीं हैं। इस संबंध में शासन से संपर्क किया गया है। साथ ही अन्य प्रभावित परिवारों को त्वरित मदद दे दी गई है।
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