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अपने मूल जिलों में ही नौकरी करेंगे ग्राम पंचायत अधिकारी
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कीर्तिराज रुमाल
रुद्रपुर। जिला कैडर का पद होने के बावजूद लंबे समय से अपनी सुविधानुसार दूसरे जिलों में संबद्ध ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों (वीपीओ) को अब अपने मूल तैनाती जिलों में ही सेवा देनी होगी। पंचायती राज विभाग के सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को इसके आदेश दे दिए हैं ताकि पंचायत चुनाव संपन्न कराने में दिक्कत न हो।
उत्तराखंड में जल्द ही त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव शुरू होने जा रहे हैं। चुनाव से ऐन पहले सभी वीपीओ के पूर्व में हुए स्थानांतरण को निरस्त करते हुए उन्हें अपने मूल तैनाती जिलों में सेवा देने के आदेश हो गए हैं। मालूम हो कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का पद जिला स्तरीय होने के बावजूद पर्वतीय जिलों के अधिकांश ग्राम पंचायत अधिकारी अपनी सुविधा के अनुसार मैैदानी और दूसरे जिलों में संबद्ध होकर नौकरी कर रहे हैं।
वर्तमान में ऊधम सिंह नगर जिले में कुल 27 न्याय पंचायतों में करीब 40 ग्राम पंचायत अधिकारी तैनात हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण दूसरे जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रभावित होने की आशंका है। पंचायती राज विभाग के सचिव डॉ. सिन्हा के आदेश के बाद ग्राम पंचायत अधिकारियों में अफरातफरी का माहौल है।
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इस संबंध में जिला पंचायती राज अधिकारी रमेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पंचायती राज विभाग के सचिव के आदेश की प्रति मिलते ही ग्राम पंचायत अधिकारियों की संबद्धता खत्म करते हुए उन्हें मूल तैनाती जिलों के लिए रिलीव होने के निर्देश दे दिए गए हैं।
शासन को उपलब्ध कराई गई 32 वीपीओ की सूची
रुद्रपुर। निदेशालय पंचायतीराज की ओर से शासन को ऐसे 32 ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराई गई है, जो अपने मूल जिले के बजाय दूसरे जिलों में नौकरी कर रहेे हैं। वह बीमारी या अन्य आधार पर दूसरे जिलों में संबद्ध हैं, जो कि नियमानुकूल नहीं है।
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रुद्रपुर। जिला कैडर का पद होने के बावजूद लंबे समय से अपनी सुविधानुसार दूसरे जिलों में संबद्ध ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों (वीपीओ) को अब अपने मूल तैनाती जिलों में ही सेवा देनी होगी। पंचायती राज विभाग के सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को इसके आदेश दे दिए हैं ताकि पंचायत चुनाव संपन्न कराने में दिक्कत न हो।
उत्तराखंड में जल्द ही त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव शुरू होने जा रहे हैं। चुनाव से ऐन पहले सभी वीपीओ के पूर्व में हुए स्थानांतरण को निरस्त करते हुए उन्हें अपने मूल तैनाती जिलों में सेवा देने के आदेश हो गए हैं। मालूम हो कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का पद जिला स्तरीय होने के बावजूद पर्वतीय जिलों के अधिकांश ग्राम पंचायत अधिकारी अपनी सुविधा के अनुसार मैैदानी और दूसरे जिलों में संबद्ध होकर नौकरी कर रहे हैं।
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वर्तमान में ऊधम सिंह नगर जिले में कुल 27 न्याय पंचायतों में करीब 40 ग्राम पंचायत अधिकारी तैनात हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण दूसरे जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रभावित होने की आशंका है। पंचायती राज विभाग के सचिव डॉ. सिन्हा के आदेश के बाद ग्राम पंचायत अधिकारियों में अफरातफरी का माहौल है।
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इस संबंध में जिला पंचायती राज अधिकारी रमेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पंचायती राज विभाग के सचिव के आदेश की प्रति मिलते ही ग्राम पंचायत अधिकारियों की संबद्धता खत्म करते हुए उन्हें मूल तैनाती जिलों के लिए रिलीव होने के निर्देश दे दिए गए हैं।
शासन को उपलब्ध कराई गई 32 वीपीओ की सूची
रुद्रपुर। निदेशालय पंचायतीराज की ओर से शासन को ऐसे 32 ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराई गई है, जो अपने मूल जिले के बजाय दूसरे जिलों में नौकरी कर रहेे हैं। वह बीमारी या अन्य आधार पर दूसरे जिलों में संबद्ध हैं, जो कि नियमानुकूल नहीं है।