{"_id":"3f395e728110e461a4e683d2ae8f61d8","slug":"government-accused-of-ignoring-the-movement-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार पर आंदोलन की अनदेखी का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार पर आंदोलन की अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो ऊखीमठ।
Updated Fri, 20 Nov 2015 04:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्होंने सरकार पर आंदोलन की अनदेखी और विकास के नाम पर कोरी घोषणाओं की झड़ी लगाने का आरोप लगाया।
शुक्रवार को केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहित, जीप-टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी, होटल व्यवसायियों सहित केदारघाटी में संचालित संगठनों से जुड़े लोग भारत सेवाश्रम से बस स्टैंड तक जूलूस की शक्ल में पहुंचेद्घ
इस मौके पर हुई सभा में पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि उत्तराखंड सरकार घोषणाओं की झड़ी लगा रही है, लेकिन वह धरातल पर कहीं भी नजर नहीं आ रही है। केदारनाथ आपदा के प्रभावितों के बारे में रतिभर भी प्रयास नहीं हो रहे हैं। मुआवजे में हुई बंदरबांट पर भी सरकार की चुप्पी गले नहीं उतर रही है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष गंगाधर नौटियाल ने कहा कि आंदोलन को लेकर सरकार की अनदेखी से लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के एक माह बाद भी तीर्थ पुरोहितों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा नहीं मिल पाया है। पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल ने कहा कि आपदा के ढाई वर्ष बाद भी सरकार ने मृतक आश्रितों की सुध नहीं ली है।
विज्ञापन
इस मौके पर महामंत्री विपिन सेमवाल, केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, कुबेर पोस्ती, गंगाधर सेमवाल, बचन सिंह रावत, पवन राणा, टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष राय सिंह राणा, भगत कोटवाल, दिनेश तिवारी, केशव रावत आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
शुक्रवार को केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहित, जीप-टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी, होटल व्यवसायियों सहित केदारघाटी में संचालित संगठनों से जुड़े लोग भारत सेवाश्रम से बस स्टैंड तक जूलूस की शक्ल में पहुंचेद्घ
इस मौके पर हुई सभा में पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि उत्तराखंड सरकार घोषणाओं की झड़ी लगा रही है, लेकिन वह धरातल पर कहीं भी नजर नहीं आ रही है। केदारनाथ आपदा के प्रभावितों के बारे में रतिभर भी प्रयास नहीं हो रहे हैं। मुआवजे में हुई बंदरबांट पर भी सरकार की चुप्पी गले नहीं उतर रही है।
विज्ञापन
संघर्ष समिति के अध्यक्ष गंगाधर नौटियाल ने कहा कि आंदोलन को लेकर सरकार की अनदेखी से लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के एक माह बाद भी तीर्थ पुरोहितों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा नहीं मिल पाया है। पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल ने कहा कि आपदा के ढाई वर्ष बाद भी सरकार ने मृतक आश्रितों की सुध नहीं ली है।
विज्ञापन
इस मौके पर महामंत्री विपिन सेमवाल, केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, कुबेर पोस्ती, गंगाधर सेमवाल, बचन सिंह रावत, पवन राणा, टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष राय सिंह राणा, भगत कोटवाल, दिनेश तिवारी, केशव रावत आदि मौजूद थे।