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देवता ने अपनी भूमि पर बना मकान छुड़वाया
अमर उजाला ब्यूरो अगस्त्यमुनि
Updated Thu, 07 Jan 2016 08:47 PM IST
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बृहस्पतिवार को भगवान साणेश्वर की दिवारा यात्रा रात्रि विश्राम के लिए जखण्यालगांव पहुंची। भक्तों ने डोली का भव्य स्वागत किया गया।
प्रात: जखोली में पंडितों ने साणेश्वर महाराज की विशेष पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत आराध्य देव ने गांव का भ्रमण किया। प्रात: 11 बजे दिवारा यात्रा नौगांव, डोबलिया, तिमली का भी भ्रमण किया। यहां भक्तों ने फूल- मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। दिवारा समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह रावत ने बताया कि साणेश्वर महाराज की दिवारा यात्रा का प्रथम चरण 11 जनवरी को संपन्न होगा।
अगले वर्ष आराध्य अगस्त्यमुनि और सिलगढ़ पट्टी के गांवों का भ्रमण करेंगे। इस मौके पर सुबोध सेमवाल, दिनेश पुरोहित, अनुसूया थपलियाल, नरेंद्र रावत, योगेश पुरोहित आदि मौजूद थे। विदित हो कि बीते वर्ष 13 दिसंबर से सिल्ला गांव में 14 वर्ष बाद भगवान साणेश्वर महाराज की दिवारा यात्रा शुरू हुई थी। देवता के दर्शनों के लिए गांवों में ध्याणियों के अलावा प्रवासी ग्रामीण भी उल्लास के साथ अपने घरों को पहुंच रहे हैं।
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प्रात: जखोली में पंडितों ने साणेश्वर महाराज की विशेष पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत आराध्य देव ने गांव का भ्रमण किया। प्रात: 11 बजे दिवारा यात्रा नौगांव, डोबलिया, तिमली का भी भ्रमण किया। यहां भक्तों ने फूल- मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। दिवारा समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह रावत ने बताया कि साणेश्वर महाराज की दिवारा यात्रा का प्रथम चरण 11 जनवरी को संपन्न होगा।
अगले वर्ष आराध्य अगस्त्यमुनि और सिलगढ़ पट्टी के गांवों का भ्रमण करेंगे। इस मौके पर सुबोध सेमवाल, दिनेश पुरोहित, अनुसूया थपलियाल, नरेंद्र रावत, योगेश पुरोहित आदि मौजूद थे। विदित हो कि बीते वर्ष 13 दिसंबर से सिल्ला गांव में 14 वर्ष बाद भगवान साणेश्वर महाराज की दिवारा यात्रा शुरू हुई थी। देवता के दर्शनों के लिए गांवों में ध्याणियों के अलावा प्रवासी ग्रामीण भी उल्लास के साथ अपने घरों को पहुंच रहे हैं।
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