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सरकारी जमीन को भूमि माफिया से कब्जे से कराएं मुक्त
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रुद्रपुर में एडीएम को ज्ञापन सौंपते पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ व कार्यकर्ता
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। सिडकुल प्रबंधन के नाम दर्ज सरकारी जमीन पर भूमाफिया के कब्जा कर प्लाटिंग करने का मामला प्रकाश में आया है। पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने डीएम को संबोधित शिकायती पत्र एडीएम को सौंपते हुए सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। डीएम ने मामले में जांच कराने की बात कही है।
शनिवार को पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम उत्तम सिंह चौहान को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि ग्राम शिमला बहादुर में 2.885 हेक्टेअर जमीन वर्ग-एक में सिडकुल प्रबंधन के नाम में दर्ज है। करीब पांच साल पहले ग्राम शिमला बहादुर के खेत नंबर एक में कल्याणी नदी बह रही थी। सिडकुल प्रबंधन ने नदी को दोनों तरफ से दीवार कर पक्का निर्माण किया था।
पक्का करने से पूर्व शिमला बहादुर के खेत नंबर दो और तीन नदी से पूरब दिशा में थे। लेकिन तत्कालीन अधिकारियों ने ठेकेदार और माफिया से मिलीभगत कर नदी को पूरब दिशा में करीब दो सौ मीटर हटाकर पक्का कर दिया है। इससे शिमला बहादुर के खेत नंबर दो और तीन नदी से पश्चिम दिशा में चले गए।
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सिडकुल ने कल्याणी नदी को ही अपनी सीमा मानते हुए नदी से पूरब दिशा में दीवार बना ली। इस तरह खेत नंबर एक, दो और तीन सिडकुल की पक्की दीवार से बाहर छूट गए थे। शिमला बहादुर की सीमा से पश्चिम दिशा में राजस्व ग्राम जगतपुरा की भूमि लगती है। ग्राम जगतपुरा में भूमाफियाओं ने अवैध कॉलोनियों का निर्माण किया गया है।
आरोप लगाया कि भूमाफिया ने ग्राम जगतपुरा में मूल खातेदार रामधारी पुत्र सहनी (जाटव) का खेत नंबर 115/10 कुल रकबा 0.597 हेक्टेअर भूमि पर अवैध कॉलोनी का निर्माण किया गया था। अब ग्राम शिमला बहादुर में नदी के पक्के निर्माण के समय पश्चिम दिशा में बची जमीन को जगतपुरा की रजिस्ट्रीशुदा भूमि बताकर भूमाफिया अवैध कब्जा कर प्लाट बेच रहा है।
अभी तक कई लोगों को ग्राम जगतपुरा में रजिस्ट्री करके शिमला बहादुर की भूमि पर कब्जा दिया जा चुका है। इससे सरकार को करोड़ों के राजस्व की हानि हो रही है। उन्होंने ग्राम शिमला बहादुर में सिडकुल प्रबंधन के नाम दर्ज करीब चार एकड़ जमीन की जांच कराकर भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। डीएम ने फोन पर बेहड़ को मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, पार्षद सुरेश गौरी, राजीव कामरा, हरीश जोशी, राम सिंह, कामेश्वर जेटली मौजूद रहे।
एनएनए के खिलाफ सीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे बेहड़
रुद्रपुर। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने मुख्य नगर आयुक्त जयभारत सिंह के खिलाफ विधानसभा सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने का ऐलान किया है। उन्होंने तारीख की घोषणा नहीं की है लेकिन बहुत जल्द धरना देने की बात कही है। प्रेस को जारी बयान में बेहड़ ने कहा कि जबसे एमएनए जयभारत सिंह की तैनाती रुद्रपुर में हुई हैं, तब से वह छह मुकदमे रुद्रपुर की जनता के खिलाफ लिखवा चुके हैं।
इनमें सैकड़ों लोगों को नामजद और अज्ञात में शामिल किया गया है। बेहड़ ने तंज कसा कि एमएनए को मुकदमे लिखवाने के अलावा कोई काम नहीं है। बेहड़ ने कहा कि वह मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरने पर बैठकर ऐसे अधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित कराएंगे। उन्होंने एमएनए के खिलाफ आंदोलन में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेशभर के पदाधिकारियों, जिलेभर के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, रुद्रपुर की जनता और व्यापारियों का समर्थन देने के लिए आभार जताया है।
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शनिवार को पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम उत्तम सिंह चौहान को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि ग्राम शिमला बहादुर में 2.885 हेक्टेअर जमीन वर्ग-एक में सिडकुल प्रबंधन के नाम में दर्ज है। करीब पांच साल पहले ग्राम शिमला बहादुर के खेत नंबर एक में कल्याणी नदी बह रही थी। सिडकुल प्रबंधन ने नदी को दोनों तरफ से दीवार कर पक्का निर्माण किया था।
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पक्का करने से पूर्व शिमला बहादुर के खेत नंबर दो और तीन नदी से पूरब दिशा में थे। लेकिन तत्कालीन अधिकारियों ने ठेकेदार और माफिया से मिलीभगत कर नदी को पूरब दिशा में करीब दो सौ मीटर हटाकर पक्का कर दिया है। इससे शिमला बहादुर के खेत नंबर दो और तीन नदी से पश्चिम दिशा में चले गए।
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सिडकुल ने कल्याणी नदी को ही अपनी सीमा मानते हुए नदी से पूरब दिशा में दीवार बना ली। इस तरह खेत नंबर एक, दो और तीन सिडकुल की पक्की दीवार से बाहर छूट गए थे। शिमला बहादुर की सीमा से पश्चिम दिशा में राजस्व ग्राम जगतपुरा की भूमि लगती है। ग्राम जगतपुरा में भूमाफियाओं ने अवैध कॉलोनियों का निर्माण किया गया है।
आरोप लगाया कि भूमाफिया ने ग्राम जगतपुरा में मूल खातेदार रामधारी पुत्र सहनी (जाटव) का खेत नंबर 115/10 कुल रकबा 0.597 हेक्टेअर भूमि पर अवैध कॉलोनी का निर्माण किया गया था। अब ग्राम शिमला बहादुर में नदी के पक्के निर्माण के समय पश्चिम दिशा में बची जमीन को जगतपुरा की रजिस्ट्रीशुदा भूमि बताकर भूमाफिया अवैध कब्जा कर प्लाट बेच रहा है।
अभी तक कई लोगों को ग्राम जगतपुरा में रजिस्ट्री करके शिमला बहादुर की भूमि पर कब्जा दिया जा चुका है। इससे सरकार को करोड़ों के राजस्व की हानि हो रही है। उन्होंने ग्राम शिमला बहादुर में सिडकुल प्रबंधन के नाम दर्ज करीब चार एकड़ जमीन की जांच कराकर भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। डीएम ने फोन पर बेहड़ को मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, पार्षद सुरेश गौरी, राजीव कामरा, हरीश जोशी, राम सिंह, कामेश्वर जेटली मौजूद रहे।
एनएनए के खिलाफ सीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे बेहड़
रुद्रपुर। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने मुख्य नगर आयुक्त जयभारत सिंह के खिलाफ विधानसभा सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने का ऐलान किया है। उन्होंने तारीख की घोषणा नहीं की है लेकिन बहुत जल्द धरना देने की बात कही है। प्रेस को जारी बयान में बेहड़ ने कहा कि जबसे एमएनए जयभारत सिंह की तैनाती रुद्रपुर में हुई हैं, तब से वह छह मुकदमे रुद्रपुर की जनता के खिलाफ लिखवा चुके हैं।
इनमें सैकड़ों लोगों को नामजद और अज्ञात में शामिल किया गया है। बेहड़ ने तंज कसा कि एमएनए को मुकदमे लिखवाने के अलावा कोई काम नहीं है। बेहड़ ने कहा कि वह मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरने पर बैठकर ऐसे अधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित कराएंगे। उन्होंने एमएनए के खिलाफ आंदोलन में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेशभर के पदाधिकारियों, जिलेभर के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, रुद्रपुर की जनता और व्यापारियों का समर्थन देने के लिए आभार जताया है।