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अव्यवस्थाओं पर चढ़ा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पारा
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हरीश पनेरु।
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। शांत स्वभाव के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत का शनिवार को रौद्र रूप देखने को मिला। ईएसआई अस्पताल के निरीक्षण के लिए पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष को रिसीव करने के लिए चिकित्सा अधीक्षक अस्पताल गेट पर नहीं पहुंचे।
भगत ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताते हुए नाराजगी जताई। इसके अलावा अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, पर्याप्त दवाएं न होना, ऑपरेशन थिएटर नहीं होने और मरीजों को रेफर की बात सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए चिकित्सा अधीक्षक को कड़ी फटकार लगा दी। इधर, कांग्रेस ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के निरीक्षण पर सवाल उठाते हुए बंशीधर भगत से पूछा है कि आखिर वे किस हक से अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष भगत पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ सौ करोड़ की लागत से बने ईएसआई अस्पताल का निरीक्षण के लिए पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष का काफिला जैसे ही अस्पताल में पहुंचा तो पता चला चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपशिखा अपने दफ्तर में हैं। चिकित्सा अधीक्षक के दफ्तर में पहुंचते ही प्रदेश अध्यक्ष ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर उनको फटकार लगा दी।
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चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि पैर में दिक्कत होने पर वह दफ्तर में ही बैठी थीं। भगत ने जब उनसे स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी लेने के बाद कहा कि मरीजों को अस्पताल में सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। अस्पताल को किसी कीमत पर रेफर सेंटर नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि इस अस्पताल में इलाज के नाम पर सिर्फ सरकारी रुपये का दुरुपयोग किया जा रहा है।
वहां प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार, राजेंद्र भंडारी, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौहान, मेयर रामपाल सिंह, भारतभूषण चुघ, ललित मिगलानी, राकेश सिंह, राधेश शर्मा आदि थे।
क्या प्रदेश अध्यक्ष का भी प्रोटोकॉल होता है
रुद्रपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रोटोकाल का पालन नहीं करने पर चिकित्साधीक्षक को जमकर लताड़ लगाई लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या एक संगठन के अध्यक्ष का भी प्रोटोकॉल होता है और वह क्या वह निरीक्षण कर अफसरों को निर्देश दे सकते हैं। जब भगत से निरीक्षण के बाबत पूछा गया तो उन्होंने केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री के निर्देश पर निरीक्षण करने की बात कही। संवाद
‘मैं बीमार पड़ गया तो कैसे इलाज करेंगी’
रुद्रपुर। ईएसआई अस्पताल में बिना जांच के मरीजों का इलाज किया जाता है। यह बात प्रदेश अध्यक्ष को जैसे ही पता चली तो उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपशिखा से सीधा सवाल किया कि यदि मैं बीमार पढ़ गया तो आप इलाज कैसे करेंगी। बिना जांच के किसी मरीज को दवा किस आधार पर दी जाती है। उन्होंने अस्पताल में मरीजों के इलाज के दौरान हो रही परेशानियों और उपकरणों की कमी की रिपोर्ट तैयार कर भेजने को कहा, जिससे कि अस्पताल में व्यवस्थाओं को सुधारा जा सकेगा।
प्रदेश अध्यक्ष से ज्यादा बरसे स्थानीय नेता
रुद्रपुर। कभी अस्पताल में जाकर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल तक नहीं जानने वाले स्थानीय नेता भी प्रदेश अध्यक्ष के सामने चिकित्सा अधीक्षक पर बरसते नजर आए। प्रदेश अध्यक्ष कोई सवाल पूछते, उससे पहले स्थानीय नेताओं ने सवालों की झड़ी लगा दी। विधायक रुद्रपुर राजकुमार ठुकराल, विधायक किच्छा राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा और मेयर रामपाल सिंह ने एक के बाद एक सवाल दागने शुरू कर दिए। जिलाध्यक्ष ने अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट नहीं होने पर तो विधायक ठुकराल ने अस्पताल के बाहर आवास विकास में एक कमरे की डिस्पेंसरी में इलाज करने पर सवाल खड़ा किया। किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने अस्पताल में दांत का डॉक्टर नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई।
एक भी पत्राचार नहीं दिखा पाईं चिकित्सा अधीक्षक
रुद्रपुर। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपशिखा ने प्रदेश अध्यक्ष को बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों के 35 पद स्वीकृत हैं लेकिन चार डॉक्टर ही इलाज कर रहे हैं। उन्होंने डॉ. दीपशिखा से शासन को किए गए पत्राचार संबंधित प्रपत्र दिखाने को कहा लेकिन वह दस्तावेज नहीं दिखा सकीं। निरीक्षण के बाद लौटते समय भगत को यह कहना पड़ा कि रिपोर्ट बनाकर उन्हें भेज दें। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल को 2020-21 के लिए 20 करोड़ का बजट मिला है, जिससे दवा, सैलरी समेत सभी प्रकार की व्यवस्थाएं की जाती हैं।
सामाजिक दूरी का हुआ उल्लंघन
रुद्रपुर। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सामाजिक दूरी का जमकर उल्लंघन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ में नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं ने दो गज की दूरी के नियम का पालन नहीं किया। इसके साथ ही चिकित्सा अधीक्षक से वार्ता और निरीक्षण के दौरान भी नियम का उल्लंघन हुआ। अधिकांश नेताओं ने मास्क से नाक और मुंह ढकने के बजाय उसे गले में लटकाए रखा।
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भगत बताएं, किस अधिकार से किया अस्पताल का निरीक्षण : बेहड़
रुद्रपुर। ईएसआई अस्पताल के निरीक्षण को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के कार्यकर्ताओं के साथ ईएसआई अस्पताल का निरीक्षण करने पर हैरानी जताई है। बेहड़ ने बयान जारी कर कहा है कि बंशीधर भगत एक राजनैतिक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे विधायक भी हैं तो अपनी विधानसभा में अस्पताल और सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण कर सकते हैं लेकिन दूसरे जिले में आकर सरकारी अस्पताल में निरीक्षण करने का नियम कब से लागू हुआ है?
भगत न तो मंत्री हैं और न ही उनके पास सरकार की ओर से दिया गया कोई दायित्व है। भगत बताएं कि कौन से प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर उन्होंने चिकित्साधीक्षक को फटकार लगाई। बेहड़ ने कहा कि अगर सत्ता पक्ष का प्रदेश अध्यक्ष सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण कर सकता है तो विपक्षी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष भी निरीक्षण कर सकता है।
कहा कि भगत का अस्पताल पहुंचकर निरीक्षण करना और बिना अधिकार एक डॉक्टर को फटकारना सत्ता का नशा दर्शाता है। कहा कि यदि सरकार ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कोई नई व्यवस्था या नियम लागू किया है तो सार्वजनिक करें। सरकार हर मोर्चे पर फेल है। सत्ता में काबिज लोग तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कर रहे हैं नियमों का उल्लंघन : पनेरू
लालपुर। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री हरीश पनेरू ने कहा है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की ओर से कोरोना काल में संवैधानिक नियमों का खुला उल्लंघन करने के साथ ही अराजकता फैलाई जा रही है। उन्होंने भगत पर निशाना साधा कि उन्होंने किस हैसियत से ईएसआई अस्पताल का निरीक्षण कर वहां पर अराजकता फैलाई। इसका जवाब उन्हें और प्रदेश सरकार को देना चाहिए।
उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि प्रदेश में ईएसआई अस्पताल का निरीक्षण करने के लिए क्या किसी मंत्री के पास समय नहीं है? क्या जनहित के मुद्दों से सरकार को कोई लेनादेना नहीं है? अच्छा होता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री से वार्ता कर अस्पताल में बेहतर सुविधाओं के लिए बजट दिलवाते। भाजपाई सिर्फ वाहवाही लूटने का कार्य कर रहे हैैं।
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भगत ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताते हुए नाराजगी जताई। इसके अलावा अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, पर्याप्त दवाएं न होना, ऑपरेशन थिएटर नहीं होने और मरीजों को रेफर की बात सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए चिकित्सा अधीक्षक को कड़ी फटकार लगा दी। इधर, कांग्रेस ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के निरीक्षण पर सवाल उठाते हुए बंशीधर भगत से पूछा है कि आखिर वे किस हक से अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
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शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष भगत पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ सौ करोड़ की लागत से बने ईएसआई अस्पताल का निरीक्षण के लिए पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष का काफिला जैसे ही अस्पताल में पहुंचा तो पता चला चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपशिखा अपने दफ्तर में हैं। चिकित्सा अधीक्षक के दफ्तर में पहुंचते ही प्रदेश अध्यक्ष ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर उनको फटकार लगा दी।
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चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि पैर में दिक्कत होने पर वह दफ्तर में ही बैठी थीं। भगत ने जब उनसे स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी लेने के बाद कहा कि मरीजों को अस्पताल में सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। अस्पताल को किसी कीमत पर रेफर सेंटर नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि इस अस्पताल में इलाज के नाम पर सिर्फ सरकारी रुपये का दुरुपयोग किया जा रहा है।
वहां प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार, राजेंद्र भंडारी, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौहान, मेयर रामपाल सिंह, भारतभूषण चुघ, ललित मिगलानी, राकेश सिंह, राधेश शर्मा आदि थे।
क्या प्रदेश अध्यक्ष का भी प्रोटोकॉल होता है
रुद्रपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रोटोकाल का पालन नहीं करने पर चिकित्साधीक्षक को जमकर लताड़ लगाई लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या एक संगठन के अध्यक्ष का भी प्रोटोकॉल होता है और वह क्या वह निरीक्षण कर अफसरों को निर्देश दे सकते हैं। जब भगत से निरीक्षण के बाबत पूछा गया तो उन्होंने केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री के निर्देश पर निरीक्षण करने की बात कही। संवाद
‘मैं बीमार पड़ गया तो कैसे इलाज करेंगी’
रुद्रपुर। ईएसआई अस्पताल में बिना जांच के मरीजों का इलाज किया जाता है। यह बात प्रदेश अध्यक्ष को जैसे ही पता चली तो उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपशिखा से सीधा सवाल किया कि यदि मैं बीमार पढ़ गया तो आप इलाज कैसे करेंगी। बिना जांच के किसी मरीज को दवा किस आधार पर दी जाती है। उन्होंने अस्पताल में मरीजों के इलाज के दौरान हो रही परेशानियों और उपकरणों की कमी की रिपोर्ट तैयार कर भेजने को कहा, जिससे कि अस्पताल में व्यवस्थाओं को सुधारा जा सकेगा।
प्रदेश अध्यक्ष से ज्यादा बरसे स्थानीय नेता
रुद्रपुर। कभी अस्पताल में जाकर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल तक नहीं जानने वाले स्थानीय नेता भी प्रदेश अध्यक्ष के सामने चिकित्सा अधीक्षक पर बरसते नजर आए। प्रदेश अध्यक्ष कोई सवाल पूछते, उससे पहले स्थानीय नेताओं ने सवालों की झड़ी लगा दी। विधायक रुद्रपुर राजकुमार ठुकराल, विधायक किच्छा राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा और मेयर रामपाल सिंह ने एक के बाद एक सवाल दागने शुरू कर दिए। जिलाध्यक्ष ने अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट नहीं होने पर तो विधायक ठुकराल ने अस्पताल के बाहर आवास विकास में एक कमरे की डिस्पेंसरी में इलाज करने पर सवाल खड़ा किया। किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने अस्पताल में दांत का डॉक्टर नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई।
एक भी पत्राचार नहीं दिखा पाईं चिकित्सा अधीक्षक
रुद्रपुर। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपशिखा ने प्रदेश अध्यक्ष को बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों के 35 पद स्वीकृत हैं लेकिन चार डॉक्टर ही इलाज कर रहे हैं। उन्होंने डॉ. दीपशिखा से शासन को किए गए पत्राचार संबंधित प्रपत्र दिखाने को कहा लेकिन वह दस्तावेज नहीं दिखा सकीं। निरीक्षण के बाद लौटते समय भगत को यह कहना पड़ा कि रिपोर्ट बनाकर उन्हें भेज दें। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल को 2020-21 के लिए 20 करोड़ का बजट मिला है, जिससे दवा, सैलरी समेत सभी प्रकार की व्यवस्थाएं की जाती हैं।
सामाजिक दूरी का हुआ उल्लंघन
रुद्रपुर। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सामाजिक दूरी का जमकर उल्लंघन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ में नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं ने दो गज की दूरी के नियम का पालन नहीं किया। इसके साथ ही चिकित्सा अधीक्षक से वार्ता और निरीक्षण के दौरान भी नियम का उल्लंघन हुआ। अधिकांश नेताओं ने मास्क से नाक और मुंह ढकने के बजाय उसे गले में लटकाए रखा।
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भगत बताएं, किस अधिकार से किया अस्पताल का निरीक्षण : बेहड़
रुद्रपुर। ईएसआई अस्पताल के निरीक्षण को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के कार्यकर्ताओं के साथ ईएसआई अस्पताल का निरीक्षण करने पर हैरानी जताई है। बेहड़ ने बयान जारी कर कहा है कि बंशीधर भगत एक राजनैतिक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे विधायक भी हैं तो अपनी विधानसभा में अस्पताल और सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण कर सकते हैं लेकिन दूसरे जिले में आकर सरकारी अस्पताल में निरीक्षण करने का नियम कब से लागू हुआ है?
भगत न तो मंत्री हैं और न ही उनके पास सरकार की ओर से दिया गया कोई दायित्व है। भगत बताएं कि कौन से प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर उन्होंने चिकित्साधीक्षक को फटकार लगाई। बेहड़ ने कहा कि अगर सत्ता पक्ष का प्रदेश अध्यक्ष सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण कर सकता है तो विपक्षी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष भी निरीक्षण कर सकता है।
कहा कि भगत का अस्पताल पहुंचकर निरीक्षण करना और बिना अधिकार एक डॉक्टर को फटकारना सत्ता का नशा दर्शाता है। कहा कि यदि सरकार ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कोई नई व्यवस्था या नियम लागू किया है तो सार्वजनिक करें। सरकार हर मोर्चे पर फेल है। सत्ता में काबिज लोग तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कर रहे हैं नियमों का उल्लंघन : पनेरू
लालपुर। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री हरीश पनेरू ने कहा है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की ओर से कोरोना काल में संवैधानिक नियमों का खुला उल्लंघन करने के साथ ही अराजकता फैलाई जा रही है। उन्होंने भगत पर निशाना साधा कि उन्होंने किस हैसियत से ईएसआई अस्पताल का निरीक्षण कर वहां पर अराजकता फैलाई। इसका जवाब उन्हें और प्रदेश सरकार को देना चाहिए।
उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि प्रदेश में ईएसआई अस्पताल का निरीक्षण करने के लिए क्या किसी मंत्री के पास समय नहीं है? क्या जनहित के मुद्दों से सरकार को कोई लेनादेना नहीं है? अच्छा होता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री से वार्ता कर अस्पताल में बेहतर सुविधाओं के लिए बजट दिलवाते। भाजपाई सिर्फ वाहवाही लूटने का कार्य कर रहे हैैं।

तिलक राज बेहड़।- फोटो : RUDRAPUR

ईएसआई अस्पताल की चिकित्सा अधिक्षक से जानकारी लेते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर में ईएसआई अस्पताल का निरीक्षण करते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व अन्य।- फोटो : RUDRAPUR