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Rudraprayag News: माधवाश्रम अस्पताल में पहली बार जनरल एनेस्थीसिया देकर किया ऑपरेशन
Fri, 20 Jun 2025 05:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Fri, 20 Jun 2025 05:45 PM IST
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फोटो
रुद्रप्रयाग। जिला अस्पताल के माधवाश्रम अस्पताल कोटेश्वर में पहली बार जनरल एनेस्थीसिया देकर सर्जरी की गई। सर्जन डाॅ. पुष्कर शुक्ला ने टीम के साथ मरीज की पित्त की थैली का ऑपरेशन कर पथरी निकाली।
देवेंद्र सिंह (42) कुछ दिन पूर्व पित्त की थैली में पथरी के दर्द से परेशान थे। वह माधवाश्रम अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने मरीज का अल्ट्रासाउंड किया और ऑपरेशन की सलाह दी गई। एनेस्थेटिस्ट डाॅ. अशोक ने मरीज को जनरल एनेस्थीसिया देकर बेहोश किया। इसके बाद सर्जन डाॅ. पुष्कर शुक्ला ने लगभग एक घंटे तक चले ऑपरेशन में मरीज की पित्त की थैली में फंसी पथरी को निकाल दिया। उन्होंने बताया कि पहले मरीज के रीढ़ की हड्डी में इंजेक्शन लगाकर उसे आधा ही बेहोश किया जाता था। ऐसे में मरीज के हिलने से चोटिल होने का खतरा रहता था। इसलिए अब जनरल एनेस्थीसिया से मरीज पूरी तरह बेहोश हो जाता है और ऑपरेशन करने में आसानी होती है। यह पूरी तरह सुरक्षित है। कहा कि टीम के सहयोग से यह सफल ऑपरेशन हो पाया है। इधर, जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. प्रवीण कुमार ने कहा कि आने वाले समय में इस विधि से जटिल ऑपरेशन भी हो सकेंगे। संवाद
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रुद्रप्रयाग। जिला अस्पताल के माधवाश्रम अस्पताल कोटेश्वर में पहली बार जनरल एनेस्थीसिया देकर सर्जरी की गई। सर्जन डाॅ. पुष्कर शुक्ला ने टीम के साथ मरीज की पित्त की थैली का ऑपरेशन कर पथरी निकाली।
देवेंद्र सिंह (42) कुछ दिन पूर्व पित्त की थैली में पथरी के दर्द से परेशान थे। वह माधवाश्रम अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने मरीज का अल्ट्रासाउंड किया और ऑपरेशन की सलाह दी गई। एनेस्थेटिस्ट डाॅ. अशोक ने मरीज को जनरल एनेस्थीसिया देकर बेहोश किया। इसके बाद सर्जन डाॅ. पुष्कर शुक्ला ने लगभग एक घंटे तक चले ऑपरेशन में मरीज की पित्त की थैली में फंसी पथरी को निकाल दिया। उन्होंने बताया कि पहले मरीज के रीढ़ की हड्डी में इंजेक्शन लगाकर उसे आधा ही बेहोश किया जाता था। ऐसे में मरीज के हिलने से चोटिल होने का खतरा रहता था। इसलिए अब जनरल एनेस्थीसिया से मरीज पूरी तरह बेहोश हो जाता है और ऑपरेशन करने में आसानी होती है। यह पूरी तरह सुरक्षित है। कहा कि टीम के सहयोग से यह सफल ऑपरेशन हो पाया है। इधर, जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. प्रवीण कुमार ने कहा कि आने वाले समय में इस विधि से जटिल ऑपरेशन भी हो सकेंगे। संवाद
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