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Rudraprayag News: चार माह बाद भी कई गांवों में पेयजल संकट
Wed, 03 Dec 2025 06:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Wed, 03 Dec 2025 06:03 PM IST
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रुद्रप्रयाग। जनपद में जुलाई माह में आई आपदा के चार माह बाद भी बांगर क्षेत्र के भौंर, डूंगर, बड़ेथ, भटवाड़ी, बष्टी, जोला जैसे गांवों में आज भी पेयजल संकट बना हुआ है।
आपदा के दौरान हर घर नल-हर घर जल योजना की अधिकांश पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं जिनकी मरम्मत अब तक नहीं हो पाई है। इसके परिणामस्वरूप, गांवों में पेयजल आपूर्ति बाधित है और ग्रामीण स्रोतों से पानी भर रहे हैं। यूकेडी नेता डॉ. आशुतोष भंडारी, सूरत सिंह झिंक्वाण और विक्रम सिंह फर्स्वाण ने बताया कि शासन-प्रशासन की लापरवाही से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने जल्द मरम्मत न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अनीश पिल्लई ने बताया कि आपदा के समय अस्थायी तौर पर जलापूर्ति की गई थी लेकिन वर्तमान में कई स्रोतों में पानी कम होने से समस्या बनी हुई है। क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। संवाद
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आपदा के दौरान हर घर नल-हर घर जल योजना की अधिकांश पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं जिनकी मरम्मत अब तक नहीं हो पाई है। इसके परिणामस्वरूप, गांवों में पेयजल आपूर्ति बाधित है और ग्रामीण स्रोतों से पानी भर रहे हैं। यूकेडी नेता डॉ. आशुतोष भंडारी, सूरत सिंह झिंक्वाण और विक्रम सिंह फर्स्वाण ने बताया कि शासन-प्रशासन की लापरवाही से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने जल्द मरम्मत न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अनीश पिल्लई ने बताया कि आपदा के समय अस्थायी तौर पर जलापूर्ति की गई थी लेकिन वर्तमान में कई स्रोतों में पानी कम होने से समस्या बनी हुई है। क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। संवाद
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