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डेढ़ दशक बाद भी नहीं बन सकी पेयजल लाइन

Sat, 02 Apr 2022 07:06 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 07:06 PM IST
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Drinking water line could not be built even after one and a half decade
चुन्नी गांव के ग्रामीणों ने मद्महेश्वर जल विद्युत परियोजना की कार्यदायी संस्था उत्तराखंड जल विद्युत निगम पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। इस संबंध में परियोजना के अधिशासी अभियंता के माध्यम से उत्तराखंड जल विद्युत निगम के महाप्रबंधक को ज्ञापन भेजकर एक माह में मांगपूर्ति नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि 2005/06 में मधु गंगा पर 15 मेगावाट की मद्महेश्वर जल विद्युत परियोजना का निर्माण शुरू हुआ था। तब, कार्यदायी संस्था ने परियोजना शुरू होने से पहले चुन्नी गांव के ग्रामीणों के साथ पेयजल सप्लाई को लेकर बैठक की थी। कहा गया था कि परियोजना के फॉरवे टैंक से गांव के लिए दो इंच की पेयजल लाइन का निर्माण किया जाएगा, लेकिन डेढ़ दशक बाद भी पेयजल लाइन नहीं बन पाई। अब, परियोजना के अधिकारी इस प्रकार की किसी भी सहमति से मना कर रहे हैं, जिससे वह अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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ग्रामीणों ने उत्तराखंड जल विद्युत निगम पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जल्द लिखित सहमति पत्र न देने पर आगामी 9 अप्रैल से आंदोलन व आमरण अनशन की चेतावनी दी। ज्ञापन देने वालों में संघर्ष समिति के अध्यक्ष ब्रह्मानंद, वन पंचायत सरपंच सुरेशानंद भट्ट, नपं सभासद प्रदीप धरम्वाण, महिला मंगल दल अध्यक्ष पुष्पा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य विनोद रावत, पूर्व ग्राम प्रधान अंजना रावत, पूनम नौटियाल आदि शामिल थे।
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