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बाबा केदार के दर्शनों को धाम पहुंच चुके 93644
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केदारनाथ यात्रा में इस वर्ष उमड़ रहे रिकार्ड श्रद्घालु। हर दिन हासिल कर रही यात्रा नए आयाम।
- फोटो : RUDRAPRYAG
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केदारनाथ धाम की यात्रा में इस वर्ष आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ा है। कपाट खुलने के बाद से अभी तक 9,36,448 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि यात्रा को अभी 21 दिन का समय शेष है। ऐसे में दर्शनार्थियों की संख्या दस लाख पहुंचने की उम्मीद है।
समुद्रतल से 11750 फीट की ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ में इस वर्ष यात्रा के इतिहास में कई नए अध्याय जुड़े चुके हैं। इस वर्ष देश-विदेश से पहुंच रहे बाबा के भक्तों का उत्साह चरम पर है। 9 मई को 6680 श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के साक्षी बने थे। यात्रा के शुरूआती 23 दिनों में ही दर्शनार्थियों का आंकड़ा 2,50,000 को पार कर गया था, जबकि अकेले जून माह में ही धाम में 5 लाख 15 हजार 313 श्रद्धालु धाम पहुंचे, जो यात्रा के इतिहास में नया रिकार्ड है। इसके अलावा एक दिन में सबसे अधिक 36 हजार शिव भक्तों के दर्शन और लगातार पांच दिनों तक दर्शनार्थियों की संख्या 30 हजार का रिकार्ड भी जून माह में बना। जुलाई-अगस्त में बरसात के बावजूद यात्रा निरंतर बनी रही। इस दौरान 68 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सितंबर से यात्रा ने रफ्तार पकड़ी हुई है। एक माह से दर्शनार्थियों की संख्या प्रतिदिन 3 से 4 हजार के बीच बनी हुई है। यात्रा बढ़ने से इस वर्ष जहां बीकेटीसी की आय में भारी वृद्धि हुई है, वहीं, केदारघाटी में रोजगार और कारोबार को भी नई दिशा मिली है।
द्वितीय, तृतीय केदार कम पहुंचे श्रद्धालु
रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार मद्यमहेश्वर में इस वर्ष अभी तक 4339 और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में 14300 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। बीते वर्ष की अपेक्षा दोनों धामों में कम श्रद्धालु पहुंचे हैं। कारण, प्रचार-प्रसार और मूलभूत सुविधाओं का अभाव होना है।
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इनका कहना है --
केदारनाथ यात्रा ने इस वर्ष पहले दिन से अभी तक कई नए आयाम हासिल किए हैं। आस्था का जो सैलाब उमड़ा है, उससे व्यवस्थाओं को जुटाने की चुनौती भी पैदा हुई है। आगामी यात्रा के लिए अभी से कार्ययोजना बनाने के लिए विभागों को कहा गया है।
-- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल
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समुद्रतल से 11750 फीट की ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ में इस वर्ष यात्रा के इतिहास में कई नए अध्याय जुड़े चुके हैं। इस वर्ष देश-विदेश से पहुंच रहे बाबा के भक्तों का उत्साह चरम पर है। 9 मई को 6680 श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के साक्षी बने थे। यात्रा के शुरूआती 23 दिनों में ही दर्शनार्थियों का आंकड़ा 2,50,000 को पार कर गया था, जबकि अकेले जून माह में ही धाम में 5 लाख 15 हजार 313 श्रद्धालु धाम पहुंचे, जो यात्रा के इतिहास में नया रिकार्ड है। इसके अलावा एक दिन में सबसे अधिक 36 हजार शिव भक्तों के दर्शन और लगातार पांच दिनों तक दर्शनार्थियों की संख्या 30 हजार का रिकार्ड भी जून माह में बना। जुलाई-अगस्त में बरसात के बावजूद यात्रा निरंतर बनी रही। इस दौरान 68 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सितंबर से यात्रा ने रफ्तार पकड़ी हुई है। एक माह से दर्शनार्थियों की संख्या प्रतिदिन 3 से 4 हजार के बीच बनी हुई है। यात्रा बढ़ने से इस वर्ष जहां बीकेटीसी की आय में भारी वृद्धि हुई है, वहीं, केदारघाटी में रोजगार और कारोबार को भी नई दिशा मिली है।
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द्वितीय, तृतीय केदार कम पहुंचे श्रद्धालु
रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार मद्यमहेश्वर में इस वर्ष अभी तक 4339 और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में 14300 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। बीते वर्ष की अपेक्षा दोनों धामों में कम श्रद्धालु पहुंचे हैं। कारण, प्रचार-प्रसार और मूलभूत सुविधाओं का अभाव होना है।
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इनका कहना है --
केदारनाथ यात्रा ने इस वर्ष पहले दिन से अभी तक कई नए आयाम हासिल किए हैं। आस्था का जो सैलाब उमड़ा है, उससे व्यवस्थाओं को जुटाने की चुनौती भी पैदा हुई है। आगामी यात्रा के लिए अभी से कार्ययोजना बनाने के लिए विभागों को कहा गया है।
-- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल