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ईडी, विजिलेंस जांच से बड़ सकती है एनएच घोटाले के आरोपितों की मुश्किलें
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सूचनार्थ
ईडी, विजिलेंस जांच से बढ़ सकती है आरोपितों की मुश्किलें
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाला प्रकरण
रुद्रपुर। एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी की ओर से जेल भेजे गए आरोपितों को भले ही कोर्ट से राहत मिल गई है लेकिन अभी भी आरोपितों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ ही विजिलेंस की जांच से गुजरना है। माना जा रहा है कि जेल से रिहा होने के बाद ईडी और विजिलेंस आरोपितों के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ाकर पूछताछ कर सकती है।
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में जांच के बाद एसआईटी की ओर से पांच पीसीएस अफसरों सहित 24 लोगों को जेल भेजा गया था। इधर, घोटाले में मनी लांड्रिंग के साक्ष्य मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय भी जांच में शामिल हुआ था। साथ ही शासन की ओर से विजिलेंस को भी घोटाले में लिप्त अफसरों की संपत्ति जांच सौंपी गई थी। आरोपितों के जेल में बंद रहने के दौरान ईडी और विजिलेंस उनकी संपत्ति का ब्योरा जुटा रही थी। अब आरोपितों के जेल से रिहा होने के बाद दोनों जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ शुरू कर सकती हैं। वर्तमान में 17 लोगों को कोर्ट ने राहत देकर जेल से रिहा किया है। सात लोगों को अभी कोर्ट से राहत मिलने का इंतजार है। पूछताछ के बाद जहां ईडी आरोपितों की संपत्ति जब्त कर सकती है, वहीं विजिलेंस भी संपत्ति का ब्योरा जुटाने के लिए आरोपितों को तलब कर संपत्ति की नापजोख कर सकती है। इससे आरोपितों की मुश्किलें बड़ना तय माना जा रहा है। ब्यूरो
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ईडी, विजिलेंस जांच से बढ़ सकती है आरोपितों की मुश्किलें
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाला प्रकरण
रुद्रपुर। एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी की ओर से जेल भेजे गए आरोपितों को भले ही कोर्ट से राहत मिल गई है लेकिन अभी भी आरोपितों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ ही विजिलेंस की जांच से गुजरना है। माना जा रहा है कि जेल से रिहा होने के बाद ईडी और विजिलेंस आरोपितों के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ाकर पूछताछ कर सकती है।
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में जांच के बाद एसआईटी की ओर से पांच पीसीएस अफसरों सहित 24 लोगों को जेल भेजा गया था। इधर, घोटाले में मनी लांड्रिंग के साक्ष्य मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय भी जांच में शामिल हुआ था। साथ ही शासन की ओर से विजिलेंस को भी घोटाले में लिप्त अफसरों की संपत्ति जांच सौंपी गई थी। आरोपितों के जेल में बंद रहने के दौरान ईडी और विजिलेंस उनकी संपत्ति का ब्योरा जुटा रही थी। अब आरोपितों के जेल से रिहा होने के बाद दोनों जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ शुरू कर सकती हैं। वर्तमान में 17 लोगों को कोर्ट ने राहत देकर जेल से रिहा किया है। सात लोगों को अभी कोर्ट से राहत मिलने का इंतजार है। पूछताछ के बाद जहां ईडी आरोपितों की संपत्ति जब्त कर सकती है, वहीं विजिलेंस भी संपत्ति का ब्योरा जुटाने के लिए आरोपितों को तलब कर संपत्ति की नापजोख कर सकती है। इससे आरोपितों की मुश्किलें बड़ना तय माना जा रहा है। ब्यूरो
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