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सीबीसीआईडी से हो मयंक हत्याकांड की जांच
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गदरपुर में पत्रकार वार्ता करते रामकिशन व अन्य।
- फोटो : RUDRAPUR
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गदरपुर। यूपी के सिपाही मयंक की गोली मारकर हुई हत्या के मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने की मांग उठ रही है। हत्या के आरोप में जेल भेजे गए ग्राम चंदेला निवासी मनोज दूबे के पिता रामकिशन दुबे एवं मां कांति दूबे ने हत्याकांड की सीबीसीआईडी से जांच की मांग की है।
रविवार को ग्राम अमरपुरी में अपने रिश्तेदार अंकेश के आवास पर पत्रकार वार्ता में रामकिशन दुबे एवं कांति दूबे ने पुत्र मनोज को साजिश के तहत हत्याकांड में फंसाने की बात कही। वहीं, अंकेश नेे बताया कि जिस जमीनी विवाद को लेकर हत्याकांड की कहानी बनाई जा रही है, उसको लेकर कभी भी मयंक के साथ विवाद नहीं था।
कुछ वर्षों पहले मनोज की डेढ़ एकड़ भूमि पर मयंक का कब्जा था और उसने उस जमीन पर प्लाटिंग की थी। चूंकि डेढ़ एकड़ का हिस्सा मनोज के परिजनों का था लेकिन उस पर कब्जा किसी अन्य का था। उन्होंने कोर्ट में केस किया था और कोर्ट ने बीते 16 जनवरी को मनोज दूबे के हक में फैसला कर दिया था। इस पर उनको मालिकाना हक भी मिल गया था।
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ऐसी स्थिति में मनोज को किसी की हत्या करने या कराने की क्या जरूरत थी। उन्होंने कहा अगर मनोज ने गुनाह किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए लेकिन बिना किसी गुनाह के उसको सजा नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने मयंक पर अपने साथियों से सांठ-गांठ कर बिना बताए ड्यूटी छोड़कर गदरपुर आने की भी जांच कराने की बात कही। उन्होंने मयंक हत्याकांड की सीबीसीआईडी जांच की मांग की।
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रविवार को ग्राम अमरपुरी में अपने रिश्तेदार अंकेश के आवास पर पत्रकार वार्ता में रामकिशन दुबे एवं कांति दूबे ने पुत्र मनोज को साजिश के तहत हत्याकांड में फंसाने की बात कही। वहीं, अंकेश नेे बताया कि जिस जमीनी विवाद को लेकर हत्याकांड की कहानी बनाई जा रही है, उसको लेकर कभी भी मयंक के साथ विवाद नहीं था।
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कुछ वर्षों पहले मनोज की डेढ़ एकड़ भूमि पर मयंक का कब्जा था और उसने उस जमीन पर प्लाटिंग की थी। चूंकि डेढ़ एकड़ का हिस्सा मनोज के परिजनों का था लेकिन उस पर कब्जा किसी अन्य का था। उन्होंने कोर्ट में केस किया था और कोर्ट ने बीते 16 जनवरी को मनोज दूबे के हक में फैसला कर दिया था। इस पर उनको मालिकाना हक भी मिल गया था।
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ऐसी स्थिति में मनोज को किसी की हत्या करने या कराने की क्या जरूरत थी। उन्होंने कहा अगर मनोज ने गुनाह किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए लेकिन बिना किसी गुनाह के उसको सजा नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने मयंक पर अपने साथियों से सांठ-गांठ कर बिना बताए ड्यूटी छोड़कर गदरपुर आने की भी जांच कराने की बात कही। उन्होंने मयंक हत्याकांड की सीबीसीआईडी जांच की मांग की।