{"_id":"5daf51168ebc3e93d47d822b","slug":"backward-bjp-in-the-stronghold-of-education-minister-and-irrigation-minister-rudrapur-news-hld361432615","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा मंत्री और सिंचाई मंत्री के गढ़ में भाजपा पिछड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा मंत्री और सिंचाई मंत्री के गढ़ में भाजपा पिछड़ी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिले के दो कद्दावर कैबिनेट मंत्रियों अरविंद पांडेय और यशपाल आर्य की विधानसभा की 10 जिला पंचायत सीटों पर सियासी नजरें टिकी थीं। भाजपा ने 10 सीटों पर समर्थित उम्मीदवारों की घोषणा की थी और मंत्रियों ने भी प्रत्याशियों को जिताने के लिए जोर लगाया था लेकिन 10 में से सिर्फ तीन सीटें ही भाजपा की झोली में आ सकीं। जिन सीटों पर भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा, उनमें से कई में हार का अंतर भी ज्यादा रहा। जो सात सीटें भाजपा के हाथों से गईं उनमें तीन सीटों पर भाजपा के बागी, तीन निर्दलीय और एक सीट पर कांग्रेस को जीत हासिल हुई।
जिले में जिला पंचायत की 35 में से 34 सीटों में भाजपा ने समर्थित उम्मीदवारों की घोषणा की थी। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय की विधानसभा गदरपुर और सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य की विधानसभा बाजपुर की कुल 10 सीटों पर सबकी नजरें थीं। हालांकि समर्थित उम्मीदवारों की घोषणा के बाद कई सीटों पर बगावती सुर उठना शुरू हो गए थे। दोनों ही मंत्रियों ने अपने क्षेत्र की सीटों को जिताने के लिए प्रचार भी किया था लेकिन जब मतपेटियां खुलीं तो इन सीटों के परिणामों ने पार्टी को चौंका दिया।
गदरपुर की बरीराई सीट पर टिकट नहीं मिलने पर बागी हुई कमला देवी ने भाजपा की बागी मीना मंडल को 1716 मतों से हराया। भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी टॉप दो भी जगह नहीं बना सकी। खटोला सीट पर भाजपा समर्थित त्रिनाथ विश्वास ने प्रतिद्वंद्वी किशोर को 4387 मतों और गदरपुरा से भाजपा समर्थित परमीत कौर ने प्रतिद्वंद्वी प्रदीप को 1015 मतों से हराकर राहत दी लेकिन खानपुर पूर्व सीट पर निर्दलीय अमिता ने भाजपा समर्थित ममतारानी को 4702 मतों के बड़े अंतर से हराया।
विज्ञापन
दिलचस्प बात है कि इस सीट पर रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी पूरी ताकत झोंकी थी। खेमपुर सीट पर कांग्रेस समर्थित सुमन सिंह ने भाजपा के महेंद्र को 4309 मतों से हराया। बाजपुर की रतनपुरा सीट में भाजपा समर्थित मोनिका ने जीत दर्ज की। टांडा आजम सीट पर भाजपा समर्थित सुरेंद्र सिंह 421 मतों से हारे। भीममपुरी से भाजपा की पतवंत कौर, बाजपुर गांव से रोशनपाल, हरसान से गीता देवी रनर अप में भी नहीं आ पाए। भीकमपुरी से निर्दलीय दीपा, हरसान ने गंगा, बाजपुर गांव से भाजपा के बागी हरजसपाल सिंह ने जीत दर्ज की। कुल मिलाकर दोनों मंत्रियों की विधानसभा की सीटों पर भाजपा का प्रदर्शन निराश करने वाला ही रहा।
विज्ञापन
जिले में जिला पंचायत की 35 में से 34 सीटों में भाजपा ने समर्थित उम्मीदवारों की घोषणा की थी। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय की विधानसभा गदरपुर और सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य की विधानसभा बाजपुर की कुल 10 सीटों पर सबकी नजरें थीं। हालांकि समर्थित उम्मीदवारों की घोषणा के बाद कई सीटों पर बगावती सुर उठना शुरू हो गए थे। दोनों ही मंत्रियों ने अपने क्षेत्र की सीटों को जिताने के लिए प्रचार भी किया था लेकिन जब मतपेटियां खुलीं तो इन सीटों के परिणामों ने पार्टी को चौंका दिया।
विज्ञापन
गदरपुर की बरीराई सीट पर टिकट नहीं मिलने पर बागी हुई कमला देवी ने भाजपा की बागी मीना मंडल को 1716 मतों से हराया। भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी टॉप दो भी जगह नहीं बना सकी। खटोला सीट पर भाजपा समर्थित त्रिनाथ विश्वास ने प्रतिद्वंद्वी किशोर को 4387 मतों और गदरपुरा से भाजपा समर्थित परमीत कौर ने प्रतिद्वंद्वी प्रदीप को 1015 मतों से हराकर राहत दी लेकिन खानपुर पूर्व सीट पर निर्दलीय अमिता ने भाजपा समर्थित ममतारानी को 4702 मतों के बड़े अंतर से हराया।
विज्ञापन
दिलचस्प बात है कि इस सीट पर रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी पूरी ताकत झोंकी थी। खेमपुर सीट पर कांग्रेस समर्थित सुमन सिंह ने भाजपा के महेंद्र को 4309 मतों से हराया। बाजपुर की रतनपुरा सीट में भाजपा समर्थित मोनिका ने जीत दर्ज की। टांडा आजम सीट पर भाजपा समर्थित सुरेंद्र सिंह 421 मतों से हारे। भीममपुरी से भाजपा की पतवंत कौर, बाजपुर गांव से रोशनपाल, हरसान से गीता देवी रनर अप में भी नहीं आ पाए। भीकमपुरी से निर्दलीय दीपा, हरसान ने गंगा, बाजपुर गांव से भाजपा के बागी हरजसपाल सिंह ने जीत दर्ज की। कुल मिलाकर दोनों मंत्रियों की विधानसभा की सीटों पर भाजपा का प्रदर्शन निराश करने वाला ही रहा।