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पशु-पक्षियों का संसार है ‘चिरबटिया’

Wed, 25 Dec 2019 10:15 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 25 Dec 2019 10:15 PM IST
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animals and birds world  Chirbatia
रुद्रप्रयाग के चिरबटिया में दो दिवसीय बर्ड फेस्टिवल में पहले दिन शामिल हुए बर्ड वाचर व अतिथिगण। - फोटो : RUDRAPRYAG
चिरबटिया में दो दिवसीय बर्ड फेस्टिवल बुधवार को शुरू हुआ। पक्षी विशेषज्ञों ने कहा कि चिरबटिया वन संपदा के साथ विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षियों का संसार भी है। वन विभाग की ओर से आयोजित महोत्सव में उत्तराखंड, यूपी, दिल्ली, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश आदि राज्यों के 50 से अधिक पक्षी विशेषज्ञ शिरकत कर रहे हैं।
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फेस्टिवल का शुभारंभ करते हुए जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि चिरबटिया, रुद्रप्रयाग का ही नहीं, उत्तराखंड और देश के रमणीक स्थलों में से एक है। वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के लिए इस तरह के आयोजनों को जरूरी बताया। रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के डीएफओ वैभव कुमार ने कहा कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रकृति व पर्यावरण के साथ पर्यटन को रोजगार से जोड़ना है। बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ आशुतोष ने पक्षियों के संसार की मानव जीवन में अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। इस मौके पर बुरांशकांठा क्लब के अध्यक्ष डा. गुलाब सिंह राणा, ग्राम पंचायत चिरबटिया के ग्राम प्रधान दिनेश सिंह कैंतुरा, क्षेपंस शशि मेहरा, पूर्व प्रधान रूप सिंह मेहरा समेत अन्य लोग मौजूद थे। पक्षी विशेषज्ञों ने चिरबटिया के जंगल का निरीक्षण कर वहां पाई जाने वाली पक्षियों की प्रजातियों का अध्ययन भी किया।
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पक्षी विशेषज्ञ बोले, बर्ड वाचिंग, पर्यटन और रोजगार का बड़ा माध्यम
प्रयागराज विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डा. रघु सिन्हा, प्रसिद्ध बर्ड वाचर एवं लेखक श्रवण कुमार, राजीव बिष्ट, यशपाल नेगी और कलाकार आर्ट स्टूडियो नई दिल्ली से आए संदीप पंवार ने देश के अलग-अलग राज्यों में मिलने वाली पक्षी प्रजातियों के बारे में जानकारी दी। कहा कि बर्ड वाचिंग, पर्यटन और रोजगार का सबसे बड़ा माध्यम बन रहा है। जरूरत है कि पर्यावरण संरक्षण के साथ इसे आगे बढ़ाया जाए। लोक कवि मुरली दीवान ने ठूंठ पर चील.. कविता के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही लोक कवि जगदंबा चमोला और ओम प्रकाश सेमवाल ने भी कविता पाठ किया। शिक्षक कैलाश मैठाण्ी, राजमोहन गुसाईं, राजेंद्र गोस्वामी और दीपक भट्ट ने पपेट शो के जरिए पशु-पक्षियों और पर्यावरण की भूमिका पर प्रकाश डाला।
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फोटो प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
जखोली। महोत्सव में पहुंचे कोटद्वार के बर्ड वाचर राजीव बिष्ट ने पक्षियों की फोटो प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी में उत्तराखंड, यूपी, कर्नाटक, महाराष्ट आदि में पाए जाने वाले पक्षियों की फोटो लगाई गईं थी।
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