पैतृक घाट व पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त करने को लेकर सुमेरपुर के ग्रामीणों का गुस्सा फूटा। उन्होंने चार घंटे रेल लाइन परियोजना का कार्य बंद कराया। मौके पर पहुंचे परियोजना के डीजीएम बीपी बडोगा ने ग्रामीणों से वार्ता की और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की प्राथमिकता से मरम्मत का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला मुख्यालय से लगभग पांच किमी दूर सुमेरपुर में ग्रामीणों ने रेल लाइन का कार्य रोका। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि रेलवे विकास निगम व कार्यदायी संस्था द्वारा गांव व पैतृक घाट के रास्ते, पेयजल लाइन व अन्य परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है। कई बार अवगत कराने पर भी मरम्मत नहीं की जा रही है। साथ ही निर्माण कार्य से धूल उड़ रही है, जिससे लोगों को परेशानियां हो रही हैं। उन्होंने परियोजना में गांव के युवाओं को रोजगार देने की मांग भी की। इस मौके पर परियोजना के डीपीएम बीपी बडोगा ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत का आश्वासन दिया। रोजगार के सवाल पर उन्होंने कहा कि योग्यता के आधार पर रेलवे विकास निगम ही रोजगार मुहैया करा पाएगा। मौके पर बीएस बुटोला, केएस बुटोला, शिव सिंह रावत, राम सिंह भंडारी, कुलदीप सिंह, जयपाल सिंह, बीरेंद्र सिंह बिष्ट, सावित्री बुटोला, कल्पेश्वरी देवी आदि मौजूद थे।