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मंडी विपणन बोर्ड ने साढ़े आठ लाख के जैविक उत्पाद खरीदे
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उत्तराखंड मंडी बोर्ड की ओर से उत्तरकाशी के भटवारी ब्लॉक में खोले गए किसान केंद्र में जैविक उत्पा?
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की ओर से पहाड़ के नौ जिलों में खोले गए किसान सुविधा केंद्रों में मंडुवा, झंगोरा, चौलाई की खरीद की जा रही है। अब तक मंडी की ओर से साढ़े आठ लाख रुपये के अनाज खरीदे जा चुके हैं। इन उत्पादों को रुद्रपुर में स्थित मल्टीग्रेन प्रोसेसिंग यूनिट में लाया जा रहा है। यूनिट में उत्पादों की शॉर्टिंग-ग्रेडिंग और पैकेजिंग के बाद डिमांड के अनुसार सप्लाई किया जाएगा। इधर, बोर्ड की ओर से हल्द्वानी में जैविक मंडी बनाने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।
मंडुआ, झंगोरा, चौलाई, राजमा, सोयाबीन आदि उत्पादों को बेहतर बाजार देने और किसानों को बेहतर दाम देने के लिए उत्तराखंड मंडी बोर्ड ने नौ जिलों में 28 किसान सुविधा केंद्र खोले हैं।
इन केंद्रों में एक नवंबर से जैविक उत्पादों की खरीद की जा रही है। सबसे ज्यादा मडुवा खरीदा जा रहा है। बोर्ड की ओर से खोले गए केंद्रों में उत्पाद बेचने को लेकर किसान भी उत्साहित हैं। इधर, सरकार ने भी कुछ समय पूर्व स्कूलों में दिए जाने वाले मिड डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में जैविक उत्पाद देने का फैसला किया था। इसके लिए स्कूलों और सीडीपीओ के माध्यम से डिमांड बोर्ड के पास पहुंचनी थी।
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कोट...
अब तक साढ़े आठ लाख रुपये के उत्पाद खरीदे गए हैं। उत्पादों की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के बाद आपूर्ति की जाएगी। इन उत्पादों के लिए महाराष्ट्र सहित अनेक राज्यों की कंपनियों, संस्थाओं के साथ ही विदेशों से भी मांग आ रही है। - बीएस चलाल, एमडी, उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड
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मंडुआ, झंगोरा, चौलाई, राजमा, सोयाबीन आदि उत्पादों को बेहतर बाजार देने और किसानों को बेहतर दाम देने के लिए उत्तराखंड मंडी बोर्ड ने नौ जिलों में 28 किसान सुविधा केंद्र खोले हैं।
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इन केंद्रों में एक नवंबर से जैविक उत्पादों की खरीद की जा रही है। सबसे ज्यादा मडुवा खरीदा जा रहा है। बोर्ड की ओर से खोले गए केंद्रों में उत्पाद बेचने को लेकर किसान भी उत्साहित हैं। इधर, सरकार ने भी कुछ समय पूर्व स्कूलों में दिए जाने वाले मिड डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में जैविक उत्पाद देने का फैसला किया था। इसके लिए स्कूलों और सीडीपीओ के माध्यम से डिमांड बोर्ड के पास पहुंचनी थी।
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अब तक साढ़े आठ लाख रुपये के उत्पाद खरीदे गए हैं। उत्पादों की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के बाद आपूर्ति की जाएगी। इन उत्पादों के लिए महाराष्ट्र सहित अनेक राज्यों की कंपनियों, संस्थाओं के साथ ही विदेशों से भी मांग आ रही है। - बीएस चलाल, एमडी, उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड