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वार्ता के लिए गई प्रशासन और पुलिस की टीम लौटी
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घोलती-कोठगी मोटर पुल निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे अनशनकारी अनदीप नेगी से वार्ता के लिए पहुंची प्रशासन व पुलिस की टीम को ग्रामीणों के विरोध के चलते बैरंग लौटना पड़ा। अनशनकारी और ग्रामीणों ने कहा कि विधायक भरत सिंह चौधरी मौके पर आकर उनसे बात करें और पुल निर्माण को लेकर आश्वस्त करें तभी अनशन समाप्त किया जाएगा।
बीते पांच दिन से अनदीप नेगी घोलती-कोठगी मोटर पुल निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। मंगलवार रात को तहसीलदार मंजू राजपूत के नेतृत्व में प्रशासन व पुलिस की टीम अनशन से वार्ता के लिए कोठगी गांव पहुंची थीं। इस दौरान तहसीलदार ने उन्हें मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि वे अपना आंदोलन खत्म करें, लेकिन अनशनकारी और ग्रामीणों ने कहा कि विधायक भरत सिंह चौधरी मौके पर आकर उनसे बात करें और पुल निर्माण को लेकर आश्वस्त करें। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए शासन, प्रशासन व विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि पुल स्वीकृति को डेढ़ दशक हो चुका है। लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इधर, तहसीलदार ने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। आमरण अनशन पर बैठे अनदीप नेगी मांगपूर्ति तक आंदोलनरत रहने की बात कही है। इस मौके पर ज्येष्ठ प्रमुख सुभाष नेगी, ग्राम प्रधान हरेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, सुभाष चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे।
स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट और लोनिवि से मांगा जवाब
एसडीएम अर्पणा ढौंड़ियाल का कहना है कि अनशनकारी के स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट मांगी है, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मोटर पुल निर्माण क्यों नहीं हुआ, इस बारे में भी लोनिवि के अधिशासी अभियंता से जवाब मांगा गया है।
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बीते पांच दिन से अनदीप नेगी घोलती-कोठगी मोटर पुल निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। मंगलवार रात को तहसीलदार मंजू राजपूत के नेतृत्व में प्रशासन व पुलिस की टीम अनशन से वार्ता के लिए कोठगी गांव पहुंची थीं। इस दौरान तहसीलदार ने उन्हें मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि वे अपना आंदोलन खत्म करें, लेकिन अनशनकारी और ग्रामीणों ने कहा कि विधायक भरत सिंह चौधरी मौके पर आकर उनसे बात करें और पुल निर्माण को लेकर आश्वस्त करें। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए शासन, प्रशासन व विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि पुल स्वीकृति को डेढ़ दशक हो चुका है। लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इधर, तहसीलदार ने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। आमरण अनशन पर बैठे अनदीप नेगी मांगपूर्ति तक आंदोलनरत रहने की बात कही है। इस मौके पर ज्येष्ठ प्रमुख सुभाष नेगी, ग्राम प्रधान हरेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, सुभाष चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे।
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स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट और लोनिवि से मांगा जवाब
एसडीएम अर्पणा ढौंड़ियाल का कहना है कि अनशनकारी के स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट मांगी है, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मोटर पुल निर्माण क्यों नहीं हुआ, इस बारे में भी लोनिवि के अधिशासी अभियंता से जवाब मांगा गया है।
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