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नहीं पहुंचा एमआई-26 हेलीकाप्टर
Rudraprayag
Updated Sat, 05 Jul 2014 05:34 AM IST
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केदारनाथ। धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्य और मलबे की सफाई के लिए पोकलैंड मशीन पहुंच नहीं पाई है। भारी मशीनों को ढोने के लिए सेना का एमआई-26 हेलीकाप्टर उपलब्ध नहीं हो पाया है।
यहां बता दे कि केदारनाथ मंदिर से करीब 200 मीटर दूर सरस्वती नदी के समीप एमआई-26 हेलीकाप्टर की लेडिंग के लिए हेलीपैड का निर्माण हो गया है। निर्माण का जिम्मा निम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) उत्तरकाशी को दिया गया है। शासन ने पूर्व में निम को 30 जून तक हेलीपैड बनाने का टारगेट दिया था। जिस वजह से निम ने दिन-रात काम करके हेलीपैड लगभग तैयार कर दिया। लेकिन एमआई-26 प्रदेश शासन को उपलब्ध नहीं हो पाया है। एमआई-26 के जरिए धाम तक मशीनों के पार्ट्स को खोलकर पहुंचाया जाना है।
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एमआई-17 से पहुंचाई सामग्री
केदारनाथ। बृहस्पतिवार को धाम में मौसम खुला रहने पर एमआई-17 हेलीकाप्टर ने गौैचर से वैली ब्रिज, दो मिक्सर और प्री फेब्रिकेटेड हट्स की सामग्री पहुंचाई। बृहस्पतिवार को हेलीकाप्टर लगभग तीन टन सामान ले गया। जबकि गौचर में अभी लगभग सवा आठ टन सामान बचा है। बताया जा रहा है कि एमआई-17 शुक्रवार तक ही सेवा देगा। ऐसी स्थितियों में कुछ सामग्री गौचर में छूट जाएगी।
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धाम में निजी संचार कंपनियों की भी सेवा होगी शुरू
केदारनाथ। धाम में बीएसएनएल के बाद एअरटेल और आइडिया कंपनी भी मोबाइल फोन सेवा शुरू करने जा रही हैं। यहां बता दे कि आपदा से पूर्व धाम में बीएसएनल और एअरेटल की मोबाइल फोन सेवा चलती थी। आपदा आने पर दोनों संचार कंपनियों के उपकरण बाढ़ में बह गए। बीएसएनएल ने गत वर्ष ही एक भवन के ऊपर संचार उपकरण लगाकर सेवा शुरू कर दी थी। जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने बताया कि एअरटेल और आइडिया ने धाम तक सामग्री पहुंचा दी है। जल्द ही यहां कंपनियों के मोबाइल फोन भी काम करने लगेंगे। जिससे संचार सेवाओं में और सुधार होगा।
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सोनप्रयाग और भीमबली में एनडीआरएफ
सोनप्रयाग। आपदा के दौरान राहत-बचाव कार्य के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की 30 जवानों की टीम जिले में पहुंच गई है। डीएम राघव लंगर ने बताया कि 15 जवानों को सोनप्रयाग और 15 जवानों को भीमबली में तैनात किया गया है। इसके अलावा 104 सदस्यों की एसडीआरएफ की टीम पहले से पैदल मार्ग पर तैनात है।
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यहां बता दे कि केदारनाथ मंदिर से करीब 200 मीटर दूर सरस्वती नदी के समीप एमआई-26 हेलीकाप्टर की लेडिंग के लिए हेलीपैड का निर्माण हो गया है। निर्माण का जिम्मा निम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) उत्तरकाशी को दिया गया है। शासन ने पूर्व में निम को 30 जून तक हेलीपैड बनाने का टारगेट दिया था। जिस वजह से निम ने दिन-रात काम करके हेलीपैड लगभग तैयार कर दिया। लेकिन एमआई-26 प्रदेश शासन को उपलब्ध नहीं हो पाया है। एमआई-26 के जरिए धाम तक मशीनों के पार्ट्स को खोलकर पहुंचाया जाना है।
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एमआई-17 से पहुंचाई सामग्री
केदारनाथ। बृहस्पतिवार को धाम में मौसम खुला रहने पर एमआई-17 हेलीकाप्टर ने गौैचर से वैली ब्रिज, दो मिक्सर और प्री फेब्रिकेटेड हट्स की सामग्री पहुंचाई। बृहस्पतिवार को हेलीकाप्टर लगभग तीन टन सामान ले गया। जबकि गौचर में अभी लगभग सवा आठ टन सामान बचा है। बताया जा रहा है कि एमआई-17 शुक्रवार तक ही सेवा देगा। ऐसी स्थितियों में कुछ सामग्री गौचर में छूट जाएगी।
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धाम में निजी संचार कंपनियों की भी सेवा होगी शुरू
केदारनाथ। धाम में बीएसएनएल के बाद एअरटेल और आइडिया कंपनी भी मोबाइल फोन सेवा शुरू करने जा रही हैं। यहां बता दे कि आपदा से पूर्व धाम में बीएसएनल और एअरेटल की मोबाइल फोन सेवा चलती थी। आपदा आने पर दोनों संचार कंपनियों के उपकरण बाढ़ में बह गए। बीएसएनएल ने गत वर्ष ही एक भवन के ऊपर संचार उपकरण लगाकर सेवा शुरू कर दी थी। जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने बताया कि एअरटेल और आइडिया ने धाम तक सामग्री पहुंचा दी है। जल्द ही यहां कंपनियों के मोबाइल फोन भी काम करने लगेंगे। जिससे संचार सेवाओं में और सुधार होगा।
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सोनप्रयाग और भीमबली में एनडीआरएफ
सोनप्रयाग। आपदा के दौरान राहत-बचाव कार्य के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की 30 जवानों की टीम जिले में पहुंच गई है। डीएम राघव लंगर ने बताया कि 15 जवानों को सोनप्रयाग और 15 जवानों को भीमबली में तैनात किया गया है। इसके अलावा 104 सदस्यों की एसडीआरएफ की टीम पहले से पैदल मार्ग पर तैनात है।