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तहसीलदार का किया घेराव
Rudraprayag
Updated Tue, 11 Mar 2014 05:32 AM IST
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जखोली। तहसील के अंतर्गत घरड़ा, मखेत, त्यूंखर और सुनार गांव के युवाओं ने ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के प्रमाणपत्र न बनाए जाने पर तहसीलदार का घेराव किया। उन्होंने राजस्व विभाग पर जानबूझकर प्रमाणपत्र न बनाने का आरोप लगाया।
सोमवार को क्षेत्र के युवा ओबीसी प्रमाणपत्र बनवाने तहसील पहुंचे, लेकिन तहसीलदार वीएस नेगी ने यह कहकर प्रमाणपत्र बनाने से इनकार कर दिया कि उनके बंदोबस्त की नकल में राजपूत सुनार जाति दर्ज है। जबकि मार्च 2010 को जारी शासनादेश के अनुसार उन्हीं लोगों को ओबीसी प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिनकी जाति सुनार, सोनार या स्वर्णकार लिखी हो। यानि सुनार के आगे राजपूत नहीं लिखा हो। उनके इस स्पष्टीकरण से युवा नाराज हो गए और तहसीलदार के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। आक्रोशित युवकों का आरोप था कि इससे पहले भी प्रमाणपत्र बने हैं, लेेकिन तहसील प्रशासन जान बूझकर अड़ंगा डाल रहा है। युवाओं को ओबीसी प्रमाणपत्र नौकरी के लिए चाहिए। तहसील के रवैये से उनका भविष्य संकट में है। घेराव करने वालों में विक्रम सिंह पंवार, सुरेश बुटोला, किशोरी सिंह, मकान सिंह, शिव सिंह, नितिन, विनोद, रविंद्र और गजपाल बुटोला आदि शामिल थे।
इस संबंध में एसडीएम जखोली लक्ष्मी राज चौहान ने बताया कि तहसील प्रशासन ने प्रमाणपत्र बनाने पर रोक नहीं लगाई है। जो व्यक्ति शासनादेश के अनुसार ओबीसी प्रमाणपत्र के लिए योग्य होगा, उसी का प्रमाणपत्र बनाया जाएगा।
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सोमवार को क्षेत्र के युवा ओबीसी प्रमाणपत्र बनवाने तहसील पहुंचे, लेकिन तहसीलदार वीएस नेगी ने यह कहकर प्रमाणपत्र बनाने से इनकार कर दिया कि उनके बंदोबस्त की नकल में राजपूत सुनार जाति दर्ज है। जबकि मार्च 2010 को जारी शासनादेश के अनुसार उन्हीं लोगों को ओबीसी प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिनकी जाति सुनार, सोनार या स्वर्णकार लिखी हो। यानि सुनार के आगे राजपूत नहीं लिखा हो। उनके इस स्पष्टीकरण से युवा नाराज हो गए और तहसीलदार के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। आक्रोशित युवकों का आरोप था कि इससे पहले भी प्रमाणपत्र बने हैं, लेेकिन तहसील प्रशासन जान बूझकर अड़ंगा डाल रहा है। युवाओं को ओबीसी प्रमाणपत्र नौकरी के लिए चाहिए। तहसील के रवैये से उनका भविष्य संकट में है। घेराव करने वालों में विक्रम सिंह पंवार, सुरेश बुटोला, किशोरी सिंह, मकान सिंह, शिव सिंह, नितिन, विनोद, रविंद्र और गजपाल बुटोला आदि शामिल थे।
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इस संबंध में एसडीएम जखोली लक्ष्मी राज चौहान ने बताया कि तहसील प्रशासन ने प्रमाणपत्र बनाने पर रोक नहीं लगाई है। जो व्यक्ति शासनादेश के अनुसार ओबीसी प्रमाणपत्र के लिए योग्य होगा, उसी का प्रमाणपत्र बनाया जाएगा।
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