जीआईसी फाटा को भवन का इंतजार

Rudraprayag Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
गुप्तकाशी। करीब तीन दशक पूर्व उच्चीकृत राजकीय इंटर कालेज फाटा में आजतक मुख्य भवन का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे कक्षाएं जूनियर विद्यालय के कक्ष-कक्षों और विधायक निधि से निर्मित कक्षों में संचालित हो रही हैं। वहीं विद्यालय का छात्रावास खंडहर होने की वजह से वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। साथ ही विद्यालय में प्रवक्ता और एलटी संवर्ग के आठ शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं।
जीआईसी फाटा वर्ष 1961 में हाईस्कूल के रुप में स्थापित हुआ था। यहां पूरी केदारघाटी के बच्चे पढ़ने आते थे। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने यहां छात्रावास का निर्माण किया और वर्ष 1980 में यह इंटरमीडिएट विद्यालय में उच्चीकृत हो गया। मौजूदा समय में विद्यालय में छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। वहीं छात्रावास जीर्ण-शीर्ण होने की वजह से यह वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। विद्यालय में इंटरमीडिएट में हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी और अर्थशास्त्र विषय के शिक्षक नहीं हैं। वहीं एलटी संवर्ग में सामान्य विषय (2), गणित और विज्ञान के पद भी रिक्त चल रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता विजय जमलोकी बताते हैं कि भाजपा शासनकाल में भवन निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिली थी, लेकिन आजतक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीटीए अध्यक्ष विष्णुकांत कुर्मांचली, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जगत सिंह रमोला बताते हैं कि कई बार ज्ञापन देने के बाद भी समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं।
कोट---
विद्यालय में छात्रावास के पुनर्निर्माण के लिए आगणन उच्चाधिकारियों को भेजा गया था। वह भी लंबित है। -पीएन पांडे प्रधानाचार्य, जीआईसी फाटा

रिक्त पदों की सूची शासन को भेजी गई है, जबकि भवन बजट अवमुक्त करना शासन स्तर का मामला है।
-हरी शंकर वर्मा, सीईओ रुद्रप्रयाग

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