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होम स्टे योजना से जनपद में रोजगार सृजन पर दिया गया जोर
Updated Wed, 13 Jun 2018 10:39 PM IST
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रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होम) स्टे योजना की बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय स्तर पर योजना के तहत रोजगार सृजन पर जोर दिया गया।
जिला सभागार में हुई बैठक डीएम ने कहा योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों एवं ग्रामीणों के बीच आपसी सामंजस्य स्थापित कर गांवों में रोजगार/आय का सृजन करना है। उन्होंने कहा कि जिले में वीआईपी व पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है, जिसका लाभ स्थानीय लोगों को भी मिल रहा है। उन्होंने होम स्टे का कार्य कर रहे सभी लोगों को पर्यटन विभाग में पंजीकरण कराने को कहा। साथ ही कार्तिक स्वामी मक्कूमठ, बधाणीताल, चिरबटिया, बसुकेदार समेत अन्य पर्यटक स्थलों वाले गांवों के प्रधानों को अपने-अपने गांवों को चिहिृृत करने के निर्देश दिए। इस मौके पर जिला पर्यटन अधिकारी पीके गौतम ने बताया कि होम स्टे योजना के तहत भवन पूर्णतया आवासीय चाहिए। साथ ही भवन स्वामी का वहां स्वयं निवास करना अनिवार्य है। होम स्टे में अतिथियों के लिए न्यूनतम एक और अधिकतम छह कक्षों की व्यवस्था होनी चाहिए। बताया कि योजना में पंजीकरण के लिए आवेदक द्वारा आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में, चरित्र प्रमाण पत्र, नॉटरी सत्यापित स्टाम्प, पंजीकरण शुल्क, ग्राम प्रधान तथा स्थानीय निकाय द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र, पेनकार्ड, आधार कार्ड, भवन का फोटोग्राफ एवं भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र जरूरी है। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरव, डीडीओ एएस गुंज्याल, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र पीएस सजवाण समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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जिला सभागार में हुई बैठक डीएम ने कहा योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों एवं ग्रामीणों के बीच आपसी सामंजस्य स्थापित कर गांवों में रोजगार/आय का सृजन करना है। उन्होंने कहा कि जिले में वीआईपी व पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है, जिसका लाभ स्थानीय लोगों को भी मिल रहा है। उन्होंने होम स्टे का कार्य कर रहे सभी लोगों को पर्यटन विभाग में पंजीकरण कराने को कहा। साथ ही कार्तिक स्वामी मक्कूमठ, बधाणीताल, चिरबटिया, बसुकेदार समेत अन्य पर्यटक स्थलों वाले गांवों के प्रधानों को अपने-अपने गांवों को चिहिृृत करने के निर्देश दिए। इस मौके पर जिला पर्यटन अधिकारी पीके गौतम ने बताया कि होम स्टे योजना के तहत भवन पूर्णतया आवासीय चाहिए। साथ ही भवन स्वामी का वहां स्वयं निवास करना अनिवार्य है। होम स्टे में अतिथियों के लिए न्यूनतम एक और अधिकतम छह कक्षों की व्यवस्था होनी चाहिए। बताया कि योजना में पंजीकरण के लिए आवेदक द्वारा आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में, चरित्र प्रमाण पत्र, नॉटरी सत्यापित स्टाम्प, पंजीकरण शुल्क, ग्राम प्रधान तथा स्थानीय निकाय द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र, पेनकार्ड, आधार कार्ड, भवन का फोटोग्राफ एवं भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र जरूरी है। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरव, डीडीओ एएस गुंज्याल, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र पीएस सजवाण समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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