{"_id":"59e387424f1c1b76678b5d45","slug":"81508083522-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केदारनाथ पुनर्निर्माण के प्रति गंभीर नहीं केंद्र व राज्य सरकार : हरीश रावत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केदारनाथ पुनर्निर्माण के प्रति गंभीर नहीं केंद्र व राज्य सरकार : हरीश रावत
Updated Sun, 15 Oct 2017 09:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रप्रयाग। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि 20 अक्तूबर को प्रधानमंत्री के हाथों उन योजनाओं का शिलान्यास कराया जा रहा है, जो हमने स्वीकृत कर रखी थी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन और मेक इन इंडिया वाली यह सरकार जनता को बासी विकास परोस रही है, जो अफसोसजनक है।
रविवार को यहां पत्रकार वार्ता में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि भाजपा की केंद्र व राज्य की सरकार केदारनाथ पुनर्निर्माण के प्रति गंभीर नहीं है। जहां पर हमने कार्यों को छोड़ा था, वहां से आगे कोई कार्य नहीं हुआ है, जो दुखद है। कहा कि सरकार के पास केदारनाथ की सुरक्षा का कोई विजन नहीं है। कहना है कि चोराबाड़ी ताल, भैरवनाथ मंदिर और भैरव घाटी क्षेत्र सहित गरूड़चट्टी वाले क्षेत्र की सुरक्षा के लिए कोई प्लान अभी तक नहीं बना है। पूर्व सीएम ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग की बदहाली पर रोष जताते हुए कहा कि सरकार जब महत्वपूर्ण हाईवे की सुध तक नहीं ले रही तो, दूरस्थ सड़कों का अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे पहले पूर्व सीएम हरीश रावत प्रात: 9 बजे गुप्तकाशी से केदारनाथ पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा केदार के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने तीर्थ पुरोहितों से बातचीत कर वहां के हालात और प्रशासन व निम से पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में भी पूछा। करीब दो घंटे बाद रावत गुप्तकाशी लौटे और जनसभा को संबोधित किया। कहा कि केंद्र व राज्य सरकार आम जनता को ठगने में जुटी हैं। उन्होंने जल्द जिलाध्यक्षों की तैनाती सहित संगठन को मजबूत करने की बात भी कही। इस मौके पर विधायक मनोज रावत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष देवेंद्र सिंह झिक्वांण, वीपी नौटियाल, ईश्वर सिंह बिष्ट, राय सिंह बिष्ट सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
.....
के.डीए के बजाय केदारपुरी पर दिया जाए ध्यान
रुद्रप्रयाग। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केदारनाथ विकास प्राधिकरण का जमकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि अभी केदारनाथ पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहा है। ऐेसे में अभी केदारपुरी को मास्टर प्लान के तहत देश के सुरक्षित तीर्थ स्थल के रूप में बसाने का होना चाहिए था, लेकिन भाजपा सरकार केडीए का छुनछुना लेकर ढोल पीट रहे हैं, जो उचित नहीं है। कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे। साथ ही आगामी 20 अक्तूबर को केदारनाथ विस के विधायक मनोज रावत कांग्रेस की तरफ से धाम में प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपेेंगे। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को यहां पत्रकार वार्ता में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि भाजपा की केंद्र व राज्य की सरकार केदारनाथ पुनर्निर्माण के प्रति गंभीर नहीं है। जहां पर हमने कार्यों को छोड़ा था, वहां से आगे कोई कार्य नहीं हुआ है, जो दुखद है। कहा कि सरकार के पास केदारनाथ की सुरक्षा का कोई विजन नहीं है। कहना है कि चोराबाड़ी ताल, भैरवनाथ मंदिर और भैरव घाटी क्षेत्र सहित गरूड़चट्टी वाले क्षेत्र की सुरक्षा के लिए कोई प्लान अभी तक नहीं बना है। पूर्व सीएम ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग की बदहाली पर रोष जताते हुए कहा कि सरकार जब महत्वपूर्ण हाईवे की सुध तक नहीं ले रही तो, दूरस्थ सड़कों का अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे पहले पूर्व सीएम हरीश रावत प्रात: 9 बजे गुप्तकाशी से केदारनाथ पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा केदार के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने तीर्थ पुरोहितों से बातचीत कर वहां के हालात और प्रशासन व निम से पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में भी पूछा। करीब दो घंटे बाद रावत गुप्तकाशी लौटे और जनसभा को संबोधित किया। कहा कि केंद्र व राज्य सरकार आम जनता को ठगने में जुटी हैं। उन्होंने जल्द जिलाध्यक्षों की तैनाती सहित संगठन को मजबूत करने की बात भी कही। इस मौके पर विधायक मनोज रावत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष देवेंद्र सिंह झिक्वांण, वीपी नौटियाल, ईश्वर सिंह बिष्ट, राय सिंह बिष्ट सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
विज्ञापन
.....
के.डीए के बजाय केदारपुरी पर दिया जाए ध्यान
रुद्रप्रयाग। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केदारनाथ विकास प्राधिकरण का जमकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि अभी केदारनाथ पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहा है। ऐेसे में अभी केदारपुरी को मास्टर प्लान के तहत देश के सुरक्षित तीर्थ स्थल के रूप में बसाने का होना चाहिए था, लेकिन भाजपा सरकार केडीए का छुनछुना लेकर ढोल पीट रहे हैं, जो उचित नहीं है। कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे। साथ ही आगामी 20 अक्तूबर को केदारनाथ विस के विधायक मनोज रावत कांग्रेस की तरफ से धाम में प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपेेंगे। ब्यूरो
विज्ञापन