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संभलकर चलिए जनाब, नेशनल हाईवे है बहुत खराब ..
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रुद्रप्रयाग। चारधाम विकास परियोजना के तहत निर्माणाधीन रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बहुत खराब है। चौड़ीकरण के लिए की गई कटिंग के कारण पहाड़ियां अति संवेदनशील हो चुकी हैं और दरक रही हैं। साथ ही जगह-जगह पर पानी का रिसाव होने से कीचड़ हो रहा है, जिसमें छोटे वाहनों के रपटने का खतरा बना है। ऐसे में राजमार्ग पर आए दिन घंटों जाम लग रहा है।
76 किमी लंबे रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर चौड़ीकरण के लिए की गई कटिंग के बाद से हाईवे भटवाड़ीसैंण से कुंड के बीच सबसे अधिक खतरनाक बना है। कार्यदायी संस्थाओं की ओर से मानकों के विपरीत कटिंग की गई है। सड़क के ठीक ऊपर अटके बड़े पत्थर और मलबा कब सड़क पर आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। कहीं-कहीं पहाड़ी दरक रही है। वहीं बांसवाड़ा से कुंड के बीच कीचड़ से सड़क और बदहाल हो रही है यहां छोटे वाहनों के रपटने का खतरा बना है। लोगों का कहना है कि कार्यदायी संस्था को कई बार स्थिति से अवगत कराने पर भी सुध नहीं ली जा रही है। एनएच निर्माण खंड लोनिवि के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान जहां-जहां पहाड़ियों पर पत्थर और मलबा अटका है, उसे धीरे-धीरे साफ किया जाएगा। कार्यदायी संस्थाओं को इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
76 किमी लंबे रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर चौड़ीकरण के लिए की गई कटिंग के बाद से हाईवे भटवाड़ीसैंण से कुंड के बीच सबसे अधिक खतरनाक बना है। कार्यदायी संस्थाओं की ओर से मानकों के विपरीत कटिंग की गई है। सड़क के ठीक ऊपर अटके बड़े पत्थर और मलबा कब सड़क पर आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। कहीं-कहीं पहाड़ी दरक रही है। वहीं बांसवाड़ा से कुंड के बीच कीचड़ से सड़क और बदहाल हो रही है यहां छोटे वाहनों के रपटने का खतरा बना है। लोगों का कहना है कि कार्यदायी संस्था को कई बार स्थिति से अवगत कराने पर भी सुध नहीं ली जा रही है। एनएच निर्माण खंड लोनिवि के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान जहां-जहां पहाड़ियों पर पत्थर और मलबा अटका है, उसे धीरे-धीरे साफ किया जाएगा। कार्यदायी संस्थाओं को इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
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