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दुर्वा अष्टमी पर भगवान त्रियुगीनारायण को अर्पित की जौ की हरियाली
Updated Tue, 18 Sep 2018 10:00 PM IST
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गुप्तकाशी। शिव-पार्वती की विवाह स्थली त्रियुगीनारायण मंदिर में दुर्वा अष्टमी हरियाली कौथिग मेला विधि-विधान के साथ मनाया गया। इस मौके पर ग्रामीणों द्वारा रिंगाल की टोकरी में उगाई जौ की हरियाली को आराध्य बामन भगवान को अर्पित की गई। देर रात्रि तक मंदिर में भक्तों की भीड़ जुटी रही।
बीते सोमवार को दुर्वा अष्टमी के अवसर पर देर शाम 8 बजे से मंदिर में पूजा-अर्चना शुरू हुई। त्रियुगीनारायण गांव के प्रत्येक घर में महिलाओं ने उपवास रखा। देर शाम सभी महिलाएं रिंगाल की टोकरी में उगाई गई हरियाली (जौ की हरियाली) को सिर पर रखकर मांगल गीतों व जागरों के साथ मंदिर पहुंची। धार्मिक औपचारिकताओं को पूरा करने के उपरांत मंदिर परिसर में सभी टोकरियों को गोलाई में रखा गया। इस मौके पर मंदिर के मुख्य पुजारी मुकुंदराम, रामेश्वर प्रसाद जमलोकी, शिव प्रसाद जमलोकी, रामकृष्ण जमलोकी, विनोद जमलोकी, कल्पेश जमलोकी और नागेंद्र जमलोकी ने भगवान त्रियुगीनारायण की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत महिलाओं ने हरियाली से भरी टोकरियों के साथ मंदिर की तीन परिक्रमा की। बाद में इन टोकरियों से हरियाली निकालकर आराध्य भगवान त्रियुगीनारायण को अर्पित की गई। इस मौके पर पूरा मंदिर परिसर आराध्य के जयकारों से गूंज उठा। देर रात्रि तक कीर्तन-भजन भी किए गए।
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तीन दिवसीय मेला 20 से शुरू
गुप्तकाशी। नारायण सेवा समिति एवं ग्राम पंचायत त्रियुगीनारायण के सहयोग से बामन द्वादशी पर आयोजित तीन दिवसीय मेला का शुभारंभ 20 सितंबर को होगा। इस दिन यहां श्रद्धालु भगवान विष्णु के बामन स्वरूप का दर्शन करेंगे। साथ ही नि:संतान दंपति दिनभर उपवास रखकर मंदिर में रात्रिभर खड़ा दीया के साथ भगवान का पूजन करेंगे। मेला के दूसरे दिन 21 सितंबर को भगवान त्रियुगीनारायण की भव्य झांकी निकाली जाएगी। जबकि समापन पर 22 सितंबर को मेले में स्कूली छात्र-छात्राओं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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बीते सोमवार को दुर्वा अष्टमी के अवसर पर देर शाम 8 बजे से मंदिर में पूजा-अर्चना शुरू हुई। त्रियुगीनारायण गांव के प्रत्येक घर में महिलाओं ने उपवास रखा। देर शाम सभी महिलाएं रिंगाल की टोकरी में उगाई गई हरियाली (जौ की हरियाली) को सिर पर रखकर मांगल गीतों व जागरों के साथ मंदिर पहुंची। धार्मिक औपचारिकताओं को पूरा करने के उपरांत मंदिर परिसर में सभी टोकरियों को गोलाई में रखा गया। इस मौके पर मंदिर के मुख्य पुजारी मुकुंदराम, रामेश्वर प्रसाद जमलोकी, शिव प्रसाद जमलोकी, रामकृष्ण जमलोकी, विनोद जमलोकी, कल्पेश जमलोकी और नागेंद्र जमलोकी ने भगवान त्रियुगीनारायण की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत महिलाओं ने हरियाली से भरी टोकरियों के साथ मंदिर की तीन परिक्रमा की। बाद में इन टोकरियों से हरियाली निकालकर आराध्य भगवान त्रियुगीनारायण को अर्पित की गई। इस मौके पर पूरा मंदिर परिसर आराध्य के जयकारों से गूंज उठा। देर रात्रि तक कीर्तन-भजन भी किए गए।
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तीन दिवसीय मेला 20 से शुरू
गुप्तकाशी। नारायण सेवा समिति एवं ग्राम पंचायत त्रियुगीनारायण के सहयोग से बामन द्वादशी पर आयोजित तीन दिवसीय मेला का शुभारंभ 20 सितंबर को होगा। इस दिन यहां श्रद्धालु भगवान विष्णु के बामन स्वरूप का दर्शन करेंगे। साथ ही नि:संतान दंपति दिनभर उपवास रखकर मंदिर में रात्रिभर खड़ा दीया के साथ भगवान का पूजन करेंगे। मेला के दूसरे दिन 21 सितंबर को भगवान त्रियुगीनारायण की भव्य झांकी निकाली जाएगी। जबकि समापन पर 22 सितंबर को मेले में स्कूली छात्र-छात्राओं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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