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दूरस्थ गांवों से पालकी से अस्पताल पहुंच सकेंगे बीमार, घायल व गर्भवती

Mon, 05 Mar 2018 10:56 PM IST
Updated Mon, 05 Mar 2018 10:56 PM IST
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दूरस्थ गांवों से पालकी से अस्पताल पहुंच सकेंगे बीमार, घायल व गर्भवती

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रुद्रप्रयाग। दूरस्थ गांवों में जरूरतमंदों को समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराए जाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जनपद के तीनों ब्लाकों के चयनित दूरस्थ 24 गांवों के लिए पालकी भेजी हैं। विभाग ने पालकी संचालन की जिम्मेदारी ग्रामीणों को सौंपी गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सरोज नैथानी ने बीते दिनों कुछ दूरस्थ गांवों का भ्रमण कर वहां स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों से बातचीत की तो यहां की दिक्कतों को जाना। दो दिन पूर्व धनपुर क्षेत्र के तूना गांव में एक घायल महिला का उपचार किया। इसके बाद जिले के दूरस्थ गांवों से मरीजों व जरूरतमंद को जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर उपलब्ध पालकियों को गांवों में वितरित करने के निर्देश दिए। विभाग की ओर से अगस्त्यमुनि ब्लाक के 12 व ऊखीमठ व जखोली ब्लाक के लिए 6-6 पालकी भिजवाई गई हैं। सीएमओ डा. नैथानी ने बताया कि पालकियों का संचालन ग्रामीणों की ओर से किया जाएगा। किसी भी मरीज/घायल या गर्भवती को अस्पताल लाने पर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। व्यवस्था का नियमित संचालन हो, इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मालूम हो कि गौंडार व केदारघाटी के तोषी सहित जखोली के उरोली, इजरा, धनकुराली सहित अगस्त्यमुनि के भुनका, चिनग्वाड़ आदि गांव के ग्रामीण बुखार की दवा के लिए भी 6 से 8 किमी पैदल दूरी नापते हैं और बीमारी पर मरीज को दंडी या कुर्सी के सहारे सड़क तक और फिर अस्पताल पहुंचाते हैं।
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अब ऑनलाइन होगा जन्म-मृत्यु पंजीकरण
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने स्वास्थ्य विभाग व नगर पालिका/पंचायत को जन्म-मृत्यु पंजीकरण को ऑनलाइन किए जाने निर्देश दिए हैं। पुराने विकास भवन में हुई बैठक में सीएमओ डा. सरोज नैथानी ने बताया कि जिले में ऑनलाइन जन्म-मृत्यु पंजीकरण नहीं हो रहा है, लेकिन केंद्र सरकार के निर्देश पर अब, सीएसआर (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम) पोर्टल के तहत ऑनलाइन जन्म-मृत्यु पंजीकरण किया जाएगा। इस पर, डीएम जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी में तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटरों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीएमएस डा. डीसी सेमवाल, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी संजय सिंह नेगी, ईओ डीएस राणा, ईओ हरेंद्र चौहान आदि थे।
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