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सर, स्कूल से घर सुरक्षित पहुंचने की नहीं कोई गारंटी!
Updated Mon, 17 Jul 2017 10:18 PM IST
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रुद्रप्रयाग (ब्यूरो)। घर से स्कूल आने की तो गारंटी है, लेकिन स्कूल से घर सुरक्षित पहुंच जाएं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। विद्यालय भवन कभी भी ढह सकता है। पानी छत और दीवारों से कमरों और बरामदे में भी टपक रहा है। छत और दीवारों के पत्थर या कहीं छिटक कर सिर पर गिर जाए पता नहीं। ये शब्द हाईस्कूल क्यार्क-बरसूड़ी में कक्षा 8 में पढ़ने वाली छात्रा सुमन, सिमरन और कल्पना के हैं।
बसुकेदार तहसील का हाईस्कूल क्यार्क-बरसूड़ी का भवन हादसों को न्यौता दे रहा है। यहां वर्तमान शिक्षण सत्र में 110 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन स्कूल में न तो पर्याप्त कक्ष हैं और ना संसाधन। वर्ष 2014 में जूनियर से हाईस्कूल में उच्चीकृत हुए इस विद्यालय को आज तक अपना भवन नहीं मिल पाया है, जबकि तत्कालीन विधायक शैलारानी रावत ने उद्घाटन के दिन नए स्कूल भवन की घोषणा की थी। चार वर्ष बीत जाने के बाद भी कक्षाएं जर्जर पुराने भवन पर चल रही है, जो कभी भी ढह सकता है। भवन के हालात यह है कि बरसात का पानी छत और दीवारों से कक्षा कक्षों और बरामदे में टपक रहा है। खिड़की, दरवाजे, तख्ते जगह छोड़ चुकी हैं, जिससे दीवार से पत्थर या कड़ी कब छिटक जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। बावजूद जूनियर कक्षाएं जहां जर्जर भवन में चल रही हैं। वहीं हाईस्कूल के बच्चे मैदान के किनारे टिन के छप्पर में पढ़ने को मजबूर हैं जहां सांप अन्य कीड़ों का डर है।
ग्राम प्रधान हर्षिला देवी, राय सिंह बिष्ट, पीएस चौधरी, बीएल सजवाण का कहना है कि आपदा के बाद से स्कूल भवन की मरम्मत और नए भवन के निर्माण को लेकर शासन, प्रशासन और विभाग को पतत्र दे रहे हैं। बीडीसी व तहसील दिवस में भी विभागीय अधिकारियों को विद्यालय भवन की स्थिति से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन किसी के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। सुबह बच्चों के स्कूल जाने के बाद घर सकुशल पहुंचने की चिंता लगी रहती है। प्रधानाध्यापिका गीता सजवाण व प्रधानाध्यापक एनएन थपलियाल के अनुसार विद्यालय भवन की स्थिति से अधिकारियों को फोटो सहित अवगत कराया जा चुका है।
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60 से अधिक स्कूल भवन जर्जर
रुद्रप्रयाग। जिले में प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक 60 से अधिक भवन जर्जर होकर हादसों को न्योता दे रहे हैं। जूनियर हाईस्कूल बैरागणा, प्राथमिक विद्यालय सन-क्यार्क, तोलब, कर्णधार, जीआईसी बीरो-देवल, जूहा भुनका सहित 60 से अधिक स्कूल भवन जर्जर हाल में हैं, जो कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकते हैं। सबसे बुरी स्थिति ऊखीमठ और जखोली ब्लाक के विद्यालयों की बनी हुई है।
इनका कहना है --
हाईस्कूल क्यार्क-बरसूड़ी में दो कक्षा कक्ष और शौचालय का निर्माण जिला योजना में किया जाएगा। बजट पारित हो चुका है। अन्य जर्जर व जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों के बारे में बीईओ कार्यालय से सूची मांगी जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - चित्रागन काला, मुख्य शिक्षाधिकारी रुद्रप्रयाग
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बसुकेदार तहसील का हाईस्कूल क्यार्क-बरसूड़ी का भवन हादसों को न्यौता दे रहा है। यहां वर्तमान शिक्षण सत्र में 110 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन स्कूल में न तो पर्याप्त कक्ष हैं और ना संसाधन। वर्ष 2014 में जूनियर से हाईस्कूल में उच्चीकृत हुए इस विद्यालय को आज तक अपना भवन नहीं मिल पाया है, जबकि तत्कालीन विधायक शैलारानी रावत ने उद्घाटन के दिन नए स्कूल भवन की घोषणा की थी। चार वर्ष बीत जाने के बाद भी कक्षाएं जर्जर पुराने भवन पर चल रही है, जो कभी भी ढह सकता है। भवन के हालात यह है कि बरसात का पानी छत और दीवारों से कक्षा कक्षों और बरामदे में टपक रहा है। खिड़की, दरवाजे, तख्ते जगह छोड़ चुकी हैं, जिससे दीवार से पत्थर या कड़ी कब छिटक जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। बावजूद जूनियर कक्षाएं जहां जर्जर भवन में चल रही हैं। वहीं हाईस्कूल के बच्चे मैदान के किनारे टिन के छप्पर में पढ़ने को मजबूर हैं जहां सांप अन्य कीड़ों का डर है।
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ग्राम प्रधान हर्षिला देवी, राय सिंह बिष्ट, पीएस चौधरी, बीएल सजवाण का कहना है कि आपदा के बाद से स्कूल भवन की मरम्मत और नए भवन के निर्माण को लेकर शासन, प्रशासन और विभाग को पतत्र दे रहे हैं। बीडीसी व तहसील दिवस में भी विभागीय अधिकारियों को विद्यालय भवन की स्थिति से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन किसी के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। सुबह बच्चों के स्कूल जाने के बाद घर सकुशल पहुंचने की चिंता लगी रहती है। प्रधानाध्यापिका गीता सजवाण व प्रधानाध्यापक एनएन थपलियाल के अनुसार विद्यालय भवन की स्थिति से अधिकारियों को फोटो सहित अवगत कराया जा चुका है।
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60 से अधिक स्कूल भवन जर्जर
रुद्रप्रयाग। जिले में प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक 60 से अधिक भवन जर्जर होकर हादसों को न्योता दे रहे हैं। जूनियर हाईस्कूल बैरागणा, प्राथमिक विद्यालय सन-क्यार्क, तोलब, कर्णधार, जीआईसी बीरो-देवल, जूहा भुनका सहित 60 से अधिक स्कूल भवन जर्जर हाल में हैं, जो कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकते हैं। सबसे बुरी स्थिति ऊखीमठ और जखोली ब्लाक के विद्यालयों की बनी हुई है।
इनका कहना है --
हाईस्कूल क्यार्क-बरसूड़ी में दो कक्षा कक्ष और शौचालय का निर्माण जिला योजना में किया जाएगा। बजट पारित हो चुका है। अन्य जर्जर व जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों के बारे में बीईओ कार्यालय से सूची मांगी जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - चित्रागन काला, मुख्य शिक्षाधिकारी रुद्रप्रयाग