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एशियाई खेलों में धीरज, विश्वजीत, आरती व जान्हवी करेंगे इंडोनेशिया में देश का प्रतिनिधत्व
Updated Wed, 20 Jun 2018 10:32 PM IST
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रुद्रप्रयाग। इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित होने वाले 18वें एशियाई खेलों में मध्यप्रदेश के धीरज खेर, विश्वजीत कुशवाह, आरती पांडेय और जान्हवी श्रीवास्तव देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारत की कैनाइंग-सलालम पुरुष व महिला टीम के लिए इनका चयन हुआ। अगस्त माह में होने वाले इस आयोजन के लिए जुलाई पहले सप्ताह में खिलाड़ी प्रशिक्षण के लिए यूरोप रवाना होंगे।
चंद्रापुरी के गबनी गांव के समीप मंदाकिनी नदी में भारतीय सीनियर कैनोइंग-सलालम टीम का 24 दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा है। बुधवार को राष्ट्रीय टीम के चयन के लिए खिलाड़ियों का कयाकिंग-1 व कैनाइंग-1 के लिए ट्रायल किया गया। कैनाइंग-सलालम चेयरपर्सन बिलकिस मीर, स्पोर्टस अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के कोच जिम बेरकोन, कैनाइंग-सलालम के भारत में अंतरराष्ट्रीय तकनीकी अधिकारी फिलिप मैथ्यू, एनआईएस कोच देवेंद्र गुप्ता की निगरानी में ट्रायल हुआ। प्रदर्शन के आधार पर दोनों वर्गों की दोनों स्पर्धाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को चुना गया। चेयरपर्सन बिलकिस मीर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कयाकिंग-1 व कैनोइंग-1 में महिला व पुरुष स्पर्धा में 12 पदक निर्धारित किए गए हैं। देश के लिए इन स्पर्धाओं में अधिकाधिक पदक मिलें, इसके लिए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में जल खेलों के आयोजन व प्रशिक्षण के लिए बेहतर संभावनाएं हैं। यहां मंदाकिनी नदी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जरूरी सुविधाएं मुहैया कराती है, तो यहां से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं। इस दौरान उत्तरांचल कयाकिंग, कैनोइंग एंड राफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव व केदारनाथ विस के अध्यक्ष मनोज रावत, जिला खेल अधिकारी महेशी आर्य, थानाध्यक्ष सुबोध ममगाईं, नरेंद्र सिंह रावत आदि मौजूद थे।
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चंद्रापुरी के गबनी गांव के समीप मंदाकिनी नदी में भारतीय सीनियर कैनोइंग-सलालम टीम का 24 दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा है। बुधवार को राष्ट्रीय टीम के चयन के लिए खिलाड़ियों का कयाकिंग-1 व कैनाइंग-1 के लिए ट्रायल किया गया। कैनाइंग-सलालम चेयरपर्सन बिलकिस मीर, स्पोर्टस अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के कोच जिम बेरकोन, कैनाइंग-सलालम के भारत में अंतरराष्ट्रीय तकनीकी अधिकारी फिलिप मैथ्यू, एनआईएस कोच देवेंद्र गुप्ता की निगरानी में ट्रायल हुआ। प्रदर्शन के आधार पर दोनों वर्गों की दोनों स्पर्धाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को चुना गया। चेयरपर्सन बिलकिस मीर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कयाकिंग-1 व कैनोइंग-1 में महिला व पुरुष स्पर्धा में 12 पदक निर्धारित किए गए हैं। देश के लिए इन स्पर्धाओं में अधिकाधिक पदक मिलें, इसके लिए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में जल खेलों के आयोजन व प्रशिक्षण के लिए बेहतर संभावनाएं हैं। यहां मंदाकिनी नदी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जरूरी सुविधाएं मुहैया कराती है, तो यहां से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं। इस दौरान उत्तरांचल कयाकिंग, कैनोइंग एंड राफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव व केदारनाथ विस के अध्यक्ष मनोज रावत, जिला खेल अधिकारी महेशी आर्य, थानाध्यक्ष सुबोध ममगाईं, नरेंद्र सिंह रावत आदि मौजूद थे।
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