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पीएम कार्यक्रम के बाद से केदारनाथ में लावारिश पड़े शिलापट
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:47 PM IST
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रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केदारनाथ धाम में 700 करोड़ रुपये की पुनर्निर्माण योजनाओं के शिलापट्ट चार दिन से लावारिश हाल में पड़े हैं। धाम के कपाट बंद होने के बाद से प्रशासन द्वारा न तो शिलापट्टों को सुरक्षित रखा गया है और न ही केदारपुरी में लगी बैरिकेडिंग को हटाया गया है। मंदिर मार्ग पर कुर्सियों का ढेर लगा है।
पीएम मोदी ने 20 अक्तूबर को केदारनाथ के पुनर्निर्माण के तहत पांच योजनाओं का शिलान्यास किया था। इसके बाद इन शिलापट्टों को कार्यक्रम स्थल पर ही छोड़ दिया गया। 21 अक्तूबर को बाबा केदार के कपाट बंद होने के साथ डोली के साथ प्रशासनिक, पुलिस और विभागीय अधिकारी भी जिला व तहसील मुख्यालयों पर लौट आए। ऐसे में किसी ने भी शिलापट्टों को सुरक्षित स्थान पर रखने की न तो बात कही न प्रयास किए। पहले ही दिन से चर्चाओं में रहे शिलापट्ट मंदिर परिसर के बाहर पड़े हुए हैं। दूसरी तरफ मंदिर मार्ग से वीआईपी हेलीपैड और मंदिर के चारों तरफ लगी बैरिकेडिंग को भी नहीं हटाया गया है। इधर, ऊखीमठ के उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि धाम में मौजूद निम को शिलापट्ट को अपने कब्जे में लेने और बैरिकेडिंग हटाने को कहा गया है।
पीएम मोदी ने 20 अक्तूबर को केदारनाथ के पुनर्निर्माण के तहत पांच योजनाओं का शिलान्यास किया था। इसके बाद इन शिलापट्टों को कार्यक्रम स्थल पर ही छोड़ दिया गया। 21 अक्तूबर को बाबा केदार के कपाट बंद होने के साथ डोली के साथ प्रशासनिक, पुलिस और विभागीय अधिकारी भी जिला व तहसील मुख्यालयों पर लौट आए। ऐसे में किसी ने भी शिलापट्टों को सुरक्षित स्थान पर रखने की न तो बात कही न प्रयास किए। पहले ही दिन से चर्चाओं में रहे शिलापट्ट मंदिर परिसर के बाहर पड़े हुए हैं। दूसरी तरफ मंदिर मार्ग से वीआईपी हेलीपैड और मंदिर के चारों तरफ लगी बैरिकेडिंग को भी नहीं हटाया गया है। इधर, ऊखीमठ के उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि धाम में मौजूद निम को शिलापट्ट को अपने कब्जे में लेने और बैरिकेडिंग हटाने को कहा गया है।
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