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56 लाख खर्चे, नहीं बुझा पाए प्यास
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रप्रयाग
Updated Fri, 25 Dec 2015 05:42 PM IST
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पट्टी बच्छणस्यूं में ग्राम पंचायत कांडई के लिए जलनिगम ने वर्ष 2005-06 में पेयजल योजना का निर्माण किया। इस पर 56 लाख रुपये खर्च किए गए। बैरागना गदेरे से निर्मित योजना से कांडई के 40 परिवारों को लाभ मिलना था। कुछ दिन तक तो योजना से जैसे-तैसे पानी की सप्लाई होती रही, लेकिन वर्ष 2010 और 2013 की आपदा से योजना को भारी क्षति पहुंची, जिस पर करीब 5 लाख रुपये खर्च किए गए।
बावजूद इसके योजना से पर्याप्त सप्लाई बहाल नहीं हो पाई। स्थिति यह है कि चार माह से पेयजल लाइन के पाइप सूखे पड़े हैं, जिस कारण ग्रामीण गदेरे के पानी से अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। स्थानीय निवासी व पूर्व ब्लाक प्रमुख अनुसूया प्रसाद चमोली का कहना है कि पेयजल निगम द्वारा लाखों रुपये खर्च के बाद अब हाथ खड़े कर दिए गए हैं। कई बार पत्राचार के माध्यम से अवगत कराने पर भी सुध नहीं ली जा रही है।
इधर, निगम के ईई एसके बरनवाल का कहना है कि कांडई पेयजल योजना का स्रोत सूख गया है, जिस कारण पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। योजना के लिए निकट नया स्रोत का सर्वे किया जा रहा है।
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एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति ठप
ऊखीमठ। पिंगला पानी-ऊखीमठ पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से मुख्य बाजार में एक सप्ताह से पानी की आपूर्ति ठप है। लोग दूरस्थ स्रोतों से वाहनों से पानी ढो रहे हैं। रघुवीर सिंह पंवार, रजपाल सिंह धरम्वाण, सरोज बिष्ट आदि का कहना है कि कड़ाके की ठंड में पेयजल लाइन के क्षतिग्रस्त होने से सप्लाई ठप पड़ी है। जलसंस्थान को अवगत कराने पर सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। बाजार क्षेत्र में लगे हैंडपंप भी खराब पड़े हैं।
इधर, जलसंस्थान के जेई बीरेंद्र भंडारी का कहना है कि सिरसोली-मस्तूरा के बीच लोनिवि द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण के मलबे से योजना कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। लगातार गिर रहे मलबे से मरम्मत कार्य में दिक्कत हो रही है।
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बावजूद इसके योजना से पर्याप्त सप्लाई बहाल नहीं हो पाई। स्थिति यह है कि चार माह से पेयजल लाइन के पाइप सूखे पड़े हैं, जिस कारण ग्रामीण गदेरे के पानी से अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। स्थानीय निवासी व पूर्व ब्लाक प्रमुख अनुसूया प्रसाद चमोली का कहना है कि पेयजल निगम द्वारा लाखों रुपये खर्च के बाद अब हाथ खड़े कर दिए गए हैं। कई बार पत्राचार के माध्यम से अवगत कराने पर भी सुध नहीं ली जा रही है।
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इधर, निगम के ईई एसके बरनवाल का कहना है कि कांडई पेयजल योजना का स्रोत सूख गया है, जिस कारण पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। योजना के लिए निकट नया स्रोत का सर्वे किया जा रहा है।
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एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति ठप
ऊखीमठ। पिंगला पानी-ऊखीमठ पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से मुख्य बाजार में एक सप्ताह से पानी की आपूर्ति ठप है। लोग दूरस्थ स्रोतों से वाहनों से पानी ढो रहे हैं। रघुवीर सिंह पंवार, रजपाल सिंह धरम्वाण, सरोज बिष्ट आदि का कहना है कि कड़ाके की ठंड में पेयजल लाइन के क्षतिग्रस्त होने से सप्लाई ठप पड़ी है। जलसंस्थान को अवगत कराने पर सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। बाजार क्षेत्र में लगे हैंडपंप भी खराब पड़े हैं।
इधर, जलसंस्थान के जेई बीरेंद्र भंडारी का कहना है कि सिरसोली-मस्तूरा के बीच लोनिवि द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण के मलबे से योजना कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। लगातार गिर रहे मलबे से मरम्मत कार्य में दिक्कत हो रही है।