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अब, हिमांचल के कारीगर संवारेंगे केदारनाथ धाम

Fri, 15 Dec 2017 10:29 PM IST
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:29 PM IST
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अब, हिमांचल के कारीगर संवारेंगे केदारनाथ धाम

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ रि-डेवलपममेंट के तहत धाम में मंदिर मार्ग में कटवा पत्थर बिछाने से लेकर अन्य सुंदरीकरण के काम अब हिमाचल के कारीगर करेंगे। इसके लिए डीडीएमए ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। साथ ही अगले वर्ष आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल के पुनर्निर्माण कार्य भी करेंगे।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की ओर से प्रशासन के माध्यम से शासन को कारीगर बुलाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि इस माह के अंत तक हिमाचल से 50 कारीगर केदारनाथ पहुंचेंगे। केदारनाथ धाम में हो रहे विकास कार्यों के लिए केंद्र व राज्य सरकार सहित जिंदल व अन्य बड़ी कंपनियां वित्तीय सहयोग कर रही हैं। इन कार्यो में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की ओर से सरस्वती नदी पर घाट, ड्रेनेज सिस्टम व सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, लोनिवि डीडीएमए द्वारा संगम से मंदिर तक रास्ते का चौड़ीकरण व संपर्क मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। जबकि सिंचाई विभाग मंदाकिनी नदी पर सुरक्षा दीवार व घाट निर्माण करेगा। फरवरी 2018 में केदारनाथ मंदिर के पीछे आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल का पुनर्निर्माण भी होना है। इसके साथ ध्यान केंद्र व पार्क निर्माण भी शामिल है।
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राजस्थान के कारीगर भी कर चुके काम
आपदा से प्रभावित केदारनाथ मंदिर को संवारने में राजस्थान के कारीगर भी अहम भूमिका निभा चुके हैं। एएसआई के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से अक्तूबर 2014 से इस वर्ष जून तक राजस्थान के कारीगरों ने जहां मंदिर के पश्चिम द्वार सहित अलग-अलग जगहों पर छिटके पत्थरों के स्थान पर दो सौ नए कटवा पत्थर तैयार कर स्थापित किए। वहीं, मंदिर परिसर के चारों तरफ भी नए पत्थर बिछाए। ये सभी पत्थर मंदाकिनी नदी के किनारे पड़े बोल्डरों को काटकर तैयार किए गए थे।
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डीडीएमए की ओर से मंदिर मार्ग के लिए कटवा पत्थर तैयार करने व बिछाने सहित अन्य सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए हिमाचल से कारीगरों की मांग की गई है। इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द कारीगरों का पहला जत्था पहुंचा जाएगा। - मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग।
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