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स्थानीय मेले प्राचीन संस्कृति के द्योतक हैं: चौधरी
Updated Thu, 07 Dec 2017 10:42 PM IST
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तिलवाड़ा। जखोली ब्लाक के मठियाणा-भरदार में बारामास युवा लोककला मंच की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर लोक गायिका मीना राणा व हेमा करासी सहित कई अन्य कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी।
सिद्धपीठ मठियाणा मंदिर में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक भरत सिंह चौधरी ने किया। कहा कि स्थानीय मेले प्राचीन संस्कृति के द्योतक हैं, जो उत्तराखंड से विलुप्त हो रही सभ्यता व संस्कृति के संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने लोगों से प्राचीन रीति-रिवाजों के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने की अपील भी की। इसके बाद शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक गायिका हेमा नेगी करासी ने नरसिंह जागर प्रस्तुत की, जिस पर दर्शक झमने लगे। उन्होंने गिर गेंदूआ, बगछट मन सहित अन्य गीत भी गाए। लोक गायिका मीना राणा ने मठियाणा माई, पल्या गौं का मोहना और विक्रम कप्रवाण ने माता की अराधना, धर्म सिंह ने ढोल दमो मस्काबाजा बजला, दिगंबर बिष्ट ने श्रीकृष्ण अराधना और सुमान सिंह रौथाण ने तू होली मेरी प्यारी अंजु गीतों की प्रस्तुतियों ने मेलार्थियों का खूब मनोरंजन किया। इस मौके पर अध्यक्ष सुदर्शन पंवार, राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य वाचस्पति सेमवाल, जिला पंचायत सदस्य आशा डिमरी, दरम्यान जखवाल, कुलेंद्र राणा, जेपी सेमवाल, हरीश रावत आदि थे।
सिद्धपीठ मठियाणा मंदिर में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक भरत सिंह चौधरी ने किया। कहा कि स्थानीय मेले प्राचीन संस्कृति के द्योतक हैं, जो उत्तराखंड से विलुप्त हो रही सभ्यता व संस्कृति के संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने लोगों से प्राचीन रीति-रिवाजों के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने की अपील भी की। इसके बाद शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक गायिका हेमा नेगी करासी ने नरसिंह जागर प्रस्तुत की, जिस पर दर्शक झमने लगे। उन्होंने गिर गेंदूआ, बगछट मन सहित अन्य गीत भी गाए। लोक गायिका मीना राणा ने मठियाणा माई, पल्या गौं का मोहना और विक्रम कप्रवाण ने माता की अराधना, धर्म सिंह ने ढोल दमो मस्काबाजा बजला, दिगंबर बिष्ट ने श्रीकृष्ण अराधना और सुमान सिंह रौथाण ने तू होली मेरी प्यारी अंजु गीतों की प्रस्तुतियों ने मेलार्थियों का खूब मनोरंजन किया। इस मौके पर अध्यक्ष सुदर्शन पंवार, राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य वाचस्पति सेमवाल, जिला पंचायत सदस्य आशा डिमरी, दरम्यान जखवाल, कुलेंद्र राणा, जेपी सेमवाल, हरीश रावत आदि थे।
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