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शिक्षक हो ना हो जारी रहेगी पढ़ाई
Updated Fri, 01 Sep 2017 10:27 PM IST
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विनय बहुगुणा
रुद्रप्रयाग। स्कूलों में शिक्षकों की कमी के बावजूद छात्रों की पढ़ाई अब प्रभावित नहीं होगी। प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक की शिक्षा को सुधारने के लिए जिलाधिकारी ने ई-लर्निंग की पहल शुरू की है। इसके जरिए स्कूलों में हिंदी और संस्कृत को छोड़कर सभी विषय ई-लर्निंग से पढ़ाए जाएंगे।
रसमा, भारती विद्या प्लस और डिवाइन लाइन ट्रस्ट मसूरी के सहयोग से जनपद के 12 स्कूलों ( 3 प्राइमरी, 4 जूनियर और 5 माध्यमिक स्कूल) में 5 सितंबर से ई-लर्निंग चेतना के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। पेन ड्राइव में लोड सभी विषयों (हिंदी और संस्कृत को छोड़कर) की जानकारी को एनड्राइव प्रोजेक्टर और स्क्रीन के जरिए कक्षा 6 से 12वीं तक के बच्चे पढ़ सकेंगे। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने प्राथमिक से माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही पढ़ाई को तकनीक के माध्यम से सुचारु रखने के लिए ई-लर्निंग चेतना कार्यक्रम संचालित करने पर जोर दिया है। इस सिस्टम में दिवसवार, अध्याय के हिसाब से बच्चे अलग-अलग विषय नियमित पढ़ सकेंगे। खास बात यह है कि बच्चों को कक्षा में शिक्षकों की कमी महसूस नहीं होगी।
भारती विद्या प्लस ने सॉफ्टवेयर के माध्यम से एनसीईआरटी पाठ्यक्रमानुसार विषय को निर्धारित अध्याय में बांटकर रुचिकर बनाते हुए तैयार किया गया है। कक्षाओं में पेन ड्राइव को एंड्राइड प्रोजेक्टर पर लिंक प्रोजेक्ट स्क्रीन की मदद से छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के जिला संयोजक सुशील गैरोला ने बताया कि ई-लर्निंग चेतना कार्यक्रम के तहत चयनित स्कूलों के शिक्षक/शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण देने के साथ सामग्री उपलब्ध करा दी गई है।
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इन स्कूलों में होगी ई-लर्निंग कक्षाएं
प्राथमिक विद्यालय उत्यासू, कमेड़ा, गांधीपुर, जूनियर हाईस्कूल तुनेटा, बैंनोली, कन्या जूनियर हाईस्कूल गुप्तकाशी, कन्या हाईस्कूल ऊखीमठ, जीजीआईसी रुद्रप्रयाग, जीआईसी चोपता, पौंठी और लाटा बाबा जनता इंटर कालेज शीशों।
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शिक्षकों की कमी के बावजूद स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए प्रारंभिक चरण में जिले में 12 स्कूलों में ई-लर्निंग चेतना कार्यक्रम शुरू किया गया है। डिवाइन लाइन ट्रस्ट मसूरी ने पूरी सामग्री हमें उपलब्ध करा दी है। शिक्षक दिवस के दिन से चयनित स्कूलों में यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
--- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
ई-लर्निंग चेतना का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की कमी झेल रहे स्कूलों में नियमित पठन-पाठन कराना है। कक्षा 6 से 12 वीं तक के पाठ्यक्रम को संकलित किया गया है। कक्षाओं में विषयवार बच्चों को नियमित पढ़ाया जाएगा।
-- एलएल दानू, डीईओ माध्यमिक/परियोजना अधिकारी रमसा, रुद्रप्रयाग
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रुद्रप्रयाग। स्कूलों में शिक्षकों की कमी के बावजूद छात्रों की पढ़ाई अब प्रभावित नहीं होगी। प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक की शिक्षा को सुधारने के लिए जिलाधिकारी ने ई-लर्निंग की पहल शुरू की है। इसके जरिए स्कूलों में हिंदी और संस्कृत को छोड़कर सभी विषय ई-लर्निंग से पढ़ाए जाएंगे।
रसमा, भारती विद्या प्लस और डिवाइन लाइन ट्रस्ट मसूरी के सहयोग से जनपद के 12 स्कूलों ( 3 प्राइमरी, 4 जूनियर और 5 माध्यमिक स्कूल) में 5 सितंबर से ई-लर्निंग चेतना के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। पेन ड्राइव में लोड सभी विषयों (हिंदी और संस्कृत को छोड़कर) की जानकारी को एनड्राइव प्रोजेक्टर और स्क्रीन के जरिए कक्षा 6 से 12वीं तक के बच्चे पढ़ सकेंगे। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने प्राथमिक से माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही पढ़ाई को तकनीक के माध्यम से सुचारु रखने के लिए ई-लर्निंग चेतना कार्यक्रम संचालित करने पर जोर दिया है। इस सिस्टम में दिवसवार, अध्याय के हिसाब से बच्चे अलग-अलग विषय नियमित पढ़ सकेंगे। खास बात यह है कि बच्चों को कक्षा में शिक्षकों की कमी महसूस नहीं होगी।
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भारती विद्या प्लस ने सॉफ्टवेयर के माध्यम से एनसीईआरटी पाठ्यक्रमानुसार विषय को निर्धारित अध्याय में बांटकर रुचिकर बनाते हुए तैयार किया गया है। कक्षाओं में पेन ड्राइव को एंड्राइड प्रोजेक्टर पर लिंक प्रोजेक्ट स्क्रीन की मदद से छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के जिला संयोजक सुशील गैरोला ने बताया कि ई-लर्निंग चेतना कार्यक्रम के तहत चयनित स्कूलों के शिक्षक/शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण देने के साथ सामग्री उपलब्ध करा दी गई है।
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इन स्कूलों में होगी ई-लर्निंग कक्षाएं
प्राथमिक विद्यालय उत्यासू, कमेड़ा, गांधीपुर, जूनियर हाईस्कूल तुनेटा, बैंनोली, कन्या जूनियर हाईस्कूल गुप्तकाशी, कन्या हाईस्कूल ऊखीमठ, जीजीआईसी रुद्रप्रयाग, जीआईसी चोपता, पौंठी और लाटा बाबा जनता इंटर कालेज शीशों।
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शिक्षकों की कमी के बावजूद स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए प्रारंभिक चरण में जिले में 12 स्कूलों में ई-लर्निंग चेतना कार्यक्रम शुरू किया गया है। डिवाइन लाइन ट्रस्ट मसूरी ने पूरी सामग्री हमें उपलब्ध करा दी है। शिक्षक दिवस के दिन से चयनित स्कूलों में यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
--- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
ई-लर्निंग चेतना का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की कमी झेल रहे स्कूलों में नियमित पठन-पाठन कराना है। कक्षा 6 से 12 वीं तक के पाठ्यक्रम को संकलित किया गया है। कक्षाओं में विषयवार बच्चों को नियमित पढ़ाया जाएगा।
-- एलएल दानू, डीईओ माध्यमिक/परियोजना अधिकारी रमसा, रुद्रप्रयाग