{"_id":"5c9f92c1bdec2214391edcd8","slug":"21553961665-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ से दस फीट से अधिक बर्फ से ढका हुआ तुंगनाथ, चोपता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ से दस फीट से अधिक बर्फ से ढका हुआ तुंगनाथ, चोपता
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गुप्तकाशी। तृतीय केदार तुंगनाथ धाम व चोपता बुग्याल अब भी आठ फीट से अधिक बर्फ से ढका हुआ है। यहां प्रतिदिन देश-विदेश के सैकड़ों पर्यटक बर्फ का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।
बीते वर्ष दिसंबर से अभी तक क्षेत्र में कई बार बर्फबारी हो चुकी है, जिससे बनियाकुंड, दुगलबिट्टा, चोपता, तुंगनाथ व चंद्रशिला तक 8 से 10 फीट तक बर्फ मौजूद है। तृतीय केदार मंदिर परिसर बर्फ से लकदक हो रखा है। मंदिर का मुख्य दरवाजा भी आधे से अधिक बर्फ से ढका हुआ है। बर्ड वाचर यशपाल सिंह नेगी के अनुसार सर्दियों का सीजन अपने अंतिम चरण में है। इसलिए मध्य हिमालय के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रवास करने वाली पक्षियों की प्रजातियां भी निचले इलाकों से अपने क्षेत्रों में लौटने लगी है, जिससे तुंगनाथ व चोपता में मोनाल व अन्य पक्षी काफी संख्या में दिख रहे हैं। इधर, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि जो भी पर्यटक ऊपरी क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं, उन्हें स्पष्ट कहा जा रहा है कि वे किसी भी वन्य जीव व पक्षियों को नुकसान नहीं पहुंचाए। इस संबंध में क्षेत्र में तैनात विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
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बीते वर्ष दिसंबर से अभी तक क्षेत्र में कई बार बर्फबारी हो चुकी है, जिससे बनियाकुंड, दुगलबिट्टा, चोपता, तुंगनाथ व चंद्रशिला तक 8 से 10 फीट तक बर्फ मौजूद है। तृतीय केदार मंदिर परिसर बर्फ से लकदक हो रखा है। मंदिर का मुख्य दरवाजा भी आधे से अधिक बर्फ से ढका हुआ है। बर्ड वाचर यशपाल सिंह नेगी के अनुसार सर्दियों का सीजन अपने अंतिम चरण में है। इसलिए मध्य हिमालय के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रवास करने वाली पक्षियों की प्रजातियां भी निचले इलाकों से अपने क्षेत्रों में लौटने लगी है, जिससे तुंगनाथ व चोपता में मोनाल व अन्य पक्षी काफी संख्या में दिख रहे हैं। इधर, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि जो भी पर्यटक ऊपरी क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं, उन्हें स्पष्ट कहा जा रहा है कि वे किसी भी वन्य जीव व पक्षियों को नुकसान नहीं पहुंचाए। इस संबंध में क्षेत्र में तैनात विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
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